बिहार में आज का मौसम (9 Mar 2026): बिहार में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मार्च की शुरुआत में ही मई जैसी तपिश झेल रहे बिहारवासियों के लिए राहत और आफत, दोनों एक साथ आई है। जहां एक ओर भीषण धूप से थोड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर बिजली गिरने और तेज आंधी ने चिंता बढ़ा दी है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के 27 जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।
धूप की तपिश के बीच बादलों का डेरा
पिछले कुछ दिनों से बिहार के कई शहरों में पारा 34 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका था। राजगीर और कैमूर जैसे इलाकों में दोपहर की धूप लोगों को झुलसा रही थी, लेकिन रविवार देर रात से ही सीमांचल और उत्तर बिहार के आसमान में बादलों ने डेरा डाल लिया है। पूर्णिया, किशनगंज और अररिया में ठंडी हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई है, जिससे बढ़ते तापमान पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। राजधानी पटना में भी सोमवार सुबह से ही बादलों की आवाजाही जारी है।
18 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट'
मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार के लिए राज्य के 18 जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया है। मुजफ्फरपुर से लेकर पूर्णिया और जमुई तक के इलाकों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की आशंका है। सबसे ज्यादा खतरा 'ठनका' यानी आकाशीय बिजली गिरने का है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सलाह दी है कि बिजली कड़कने के दौरान वे पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में न रहें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है।
सीमांचल और पूर्वी बिहार में ज्यादा दिखेगा असर
अगले 48 घंटों के दौरान मौसम का सबसे उग्र रूप सीमांचल के जिलों में देखने को मिल सकता है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया और कटिहार में मध्यम दर्जे की बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। वहीं, दक्षिण बिहार के गया, नवादा, नालंदा और बेगूसराय जैसे जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की फुहारें पड़ सकती हैं।
किसानों की बढ़ी चिंता
मौसम के इस अचानक बदलाव ने किसानों के माथे पर बल ला दिए हैं। इस समय गेहूं की फसल तैयार हो रही है और आम के पेड़ों पर मंजर आए हुए हैं। तेज आंधी और बारिश से मंजरों के गिरने और गेहूं की खड़ी फसल के बिछने का खतरा है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे फिलहाल खेतों में सिंचाई या कीटनाशक का छिड़काव न करें और कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें।
तापमान का गणित
रविवार को कैमूर का अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक है। हालांकि, सोमवार और मंगलवार को होने वाली बारिश के कारण पारे में 2-3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 11 मार्च तक यह उठापटक जारी रहेगी, लेकिन 12 मार्च से आसमान साफ होते ही सूरज की किरणें फिर से अपने तेवर दिखाने लगेंगी और गर्मी का दूसरा दौर शुरू होगा।
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