बिहार में आज का मौसम (17 Mar 2026): पूरे बिहार की बात करें तो राज्य में इन दिनों कुदरत के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। जहां दिन के समय सूरज की तपिश लोगों के पसीने छुड़ा रही है, वहीं शाम होते ही तेज आंधी और बारिश का दौर शुरू हो जाता है। सोमवार को जहां नालंदा के राजगीर में पारा 37.6 डिग्री तक जा पहुंचा, वहीं देर शाम किशनगंज और अररिया में हुई ओलों ने लोगों को चौंका दिया। मौसम विभाग ने अब मंगलवार यानी आज के लिए राज्य के 19 जिलों में 'येलो अलर्ट' (IMD Alert) जारी किया है।
आज 19 जिलों में 'ठनका' और आंधी की चेतावनी
पटना मौसम विज्ञान केंद्र (IMD Patna) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण बिहार का मौसम अस्थिर बना हुआ है। आज यानी मंगलवार को सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर और पूर्णिया समेत 19 जिलों में बादलों की गरज-चमक के साथ बिजली गिरने (ठनका) की भारी आशंका है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो धूल भरी आंधी का रूप ले सकती है।
मधुबनी में छाई धुंध
सोमवार को बिहार में एक अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला। मधुबनी जिले में सुबह के समय इतना घना कोहरा छाया कि दृश्यता 5 मीटर से भी कम रह गई। मार्च के महीने में जनवरी जैसी धुंध ने यातायात को पूरी तरह ठप कर दिया। पटना से आने वाली बसें घंटों देरी से पहुंचीं और रेलगाड़ियों की रफ्तार भी थम गई। हालांकि, दोपहर होते ही चिलचिलाती धूप ने दस्तक दे दी, जिससे लोग उमस और गर्मी से परेशान दिखे।
पटना में मौसम का क्या है हाल (Patna Weather Update Today)
राजधानी पटना में इस सीजन की पहली सबसे गर्म दोपहर दर्ज की गई। सोमवार को पटना का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री अधिक है। 10 किमी की रफ्तार से चली गर्म हवाओं ने लोगों को चिलचिलाती गर्मी का एहसास कराया। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों में तापमान में फिर से गिरावट आ सकती है, जिससे रातें और शाम सुहावनी बनी रहेंगी।
22 मार्च तक जारी रहेगा कुदरत का खेल
मौसम विभाग का अनुमान है कि 18 और 19 मार्च को बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी आएगी, लेकिन यह राहत सिर्फ दो दिनों की है। 20 मार्च से 22 मार्च के बीच बिहार में एक बार फिर बारिश और आंधी का दौर शुरू होगा। उत्तर और पूर्वी बिहार के जिलों में इसका असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। खराब मौसम को देखते हुए किसानों को विशेष सलाह दी गई है कि वे बादलों की गरज के समय खेतों में न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
