Nishant Kumar: बिहार के नए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार (Nishant Kumar) ने पदभार संभालते ही स्वास्थ्य विभाग में सुधार की दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया है। मंत्री बनने के बाद पहले ही दिन उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और कई अहम निर्देश जारी किए। निशांत कुमार ने साफ कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टाचार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और विभाग में जीरो टॉलरेंस नीति लागू रहेगी।
मरीजों से इलाज को लेकर फीडबैक लेने के निर्देश
बैठक के दौरान उन्होंने मरीजों को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सुविधाएं (Bihar Health Minister) देने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पतालों में आने वाले सभी मरीजों का मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल किया जाए, ताकि इलाज से जुड़ी जानकारी सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध रहे। आयुष पद्धति से इलाज कराने वाले मरीजों का रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप में रखने को कहा गया है। निशांत कुमार ने अस्पतालों में मरीजों से इलाज को लेकर फीडबैक लेने के निर्देश भी दिए। उनका मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।
निशांत के 11 आदेश:
- भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू होगी।
- लोगों को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सुविधा दी जाएगी।
- मरीजों का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल किया जाएगा। आयुष इलाज कराने वालों का डेटा भी ऑनलाइन रखा जाएगा।
- मरीजों से इलाज को लेकर फीडबैक लिया जाएगा। ट्रॉमा सेंटरों को पूरी तरह सक्रिय बनाया जाएगा।
- सड़क हादसा वाले इलाकों में एंबुलेंस सुविधा बढ़ाई जाएगी।
- गांवों में डॉक्टरों की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित होगी।
- अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के खाली पद भरे जाएंगे।
- दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की नियमित जांच होगी।
- जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा बढ़ाई जाएगी।
- ऑपरेशन थिएटर की साफ-सफाई पर खास ध्यान दिया जाएगा।
- गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े, इस पर काम होगा।
सड़क हादसों वाले इलाकों में एंबुलेंस की बेहतर व्यवस्था
साथ ही उन्होंने ट्रॉमा सेंटरों को पूरी तरह सक्रिय रखने और सड़क हादसों वाले इलाकों में एंबुलेंस की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी मंत्री ने विशेष ध्यान दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांवों में डॉक्टरों की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए चिकित्सकों को प्रोत्साहन देने की बात भी कही गई। इसके अलावा सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में खाली पदों को जल्द भरने के निर्देश दिए गए हैं।
निशांत कुमार ने अस्पतालों में दवाइयों, जांच सुविधाओं और स्वास्थ्य उपकरणों की नियमित समीक्षा करने को भी कहा। जिला अस्पतालों में न्यूरोलॉजी और कार्डियोलॉजी जैसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। ऑपरेशन थिएटर की साफ-सफाई और बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा स्वास्थ्य सिस्टम तैयार करना है, जिससे गंभीर बीमारी के इलाज के लिए लोगों को बिहार से बाहर न जाना पड़े।
