पटना : बिहार की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। हाल ही में सम्राट चौधरी के कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर सरकार की ओर से इसे 'सेवा, संकल्प और समर्पण' का दौर बताया गया है, वहीं जन सुराज के नेता और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर के कामकाज और बयानों पर तीखे सवाल उठाए गए हैं। सत्ता पक्ष ने प्रशांत किशोर की राजनीति को 'एसी कमरों की राजनीति' करार देते हुए आरोप लगाया है कि वह ज़मीनी हकीकत से दूर हैं और केवल बयानबाजी कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद उनका रवैया अहंकारी हो गया है और वह संवैधानिक पदों व मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रहे हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में काम का दावा
शिक्षा व्यवस्था पर प्रशांत किशोर के सवालों का जवाब देते हुए सरकार ने 100 दिनों के कामकाज का ब्योरा दिया है। हालांकि, जुलाई माह में ही सरकार ने 100 दिन कंपलीट कर लिए थे। सरकार के दावे के मुताबिक, आज़ादी के बाद से बिहार में कुल 278 डिग्री कॉलेज थे, जबकि मौजूदा सरकार ने केवल 100 दिनों में 211 नए डिग्री कॉलेजों का उद्घाटन कर दिखाया है। गरीब बच्चों को अच्छी पढ़ाई देने के लिए 551 मॉडल स्कूल शुरू किए गए हैं। साथ ही, BPSC TRE-4 के ज़रिए 32,683 से ज़्यादा शिक्षकों की भर्ती तेज़ी से चल रही है। मुज़फ़्फ़रपुर में आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन और 3D प्रिंटिंग जैसी नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए 'सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस' बनाए गए हैं।
विपक्ष से सवाल पूछते हुए कहा गया है कि सैकड़ों करोड़ की संपत्ति घोषित करने वाले कॉर्पोरेट नेता प्रशांत किशोर यह बताएं कि उन्होंने बिहार के गरीब बच्चों के लिए कभी कोई एक स्कूल भी बनवाया है? स्कूल बनवाने के लिए नेता बनना ज़रूरी नहीं, साफ़ नीयत ज़रूरी है।
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सुरक्षा, कानून व्यवस्था और जन-कल्याण पर ज़ोर
सरकार ने राज्य की सुरक्षा और विकास से जुड़े ये बड़े कदम सामने रखे हैं। स्कूलों और कॉलेजों में छात्राओं की सुरक्षा के लिए 'पुलिस दीदी' अभियान की शुरुआत की गई है। अपराधियों और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए गए हैं, ताकि जल्दी न्याय मिल सके।
2,476 नई योजनाओं की शुरुआत
100 दिन पूरे होने पर ₹11,464 करोड़ की 2,476 नई योजनाओं की शुरुआत की गई है। राज्य में 12 नई आधुनिक टाउनशिप बनाई जा रही हैं। इलाज के लिए 27 मेडिकल कॉलेज पहले से चल रहे हैं और 10 नए मेडिकल कॉलेजों का काम जारी है।
किसानों को खेती के लिए रोज़ 12 घंटे लगातार बिजली मिल रही है। वहीं, बुजुर्गों को समय पर पेंशन देने के लिए हर महीने की 10 तारीख को 'पेंशन दिवस' तय किया गया है। लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए गांव और पंचायत स्तर पर 'सहयोग शिविर' लगाए जा रहे हैं, जहां 30 दिनों के अंदर काम पूरा करने की गारंटी है।
