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सरकारी डॉक्टर नहीं कर पाएंगे प्राइवेट प्रैक्टिस, सात निश्चय-3 संकल्प जारी; बिहार सरकार का बड़ा फैसला

बिहार सरकार ने शनिवार को सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। राज्य के स्वास्थ्य विभाग की एक अधिसूचना के अनुसार यह निर्णय राज्य के प्रमुख कार्यक्रम ’सात निश्चय-3’ (2025-30) के तहत लिया गया है।

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(सांकेतिक फोटो-Istock)

बिहार : राज्य में अब सरकारी चिकित्सक निजी प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। इसका लाभ मरीजों को मिलना तय है। प्रदेश में यह आम शिकायत है कि सरकारी चिकित्सक ड्यूटी के समय भी निजी प्रैक्टिस करते हैं। सरकार ने इसके लिए संकल्प जारी कर दिया है। हालांकि, अभी तक इसे लेकर दिशा-निर्देश नहीं जारी किया गया है। कहा जा रहा है कि सरकार इसे लेकर जल्द ही दिशा-निर्देश जारी करेगी।

स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर सहमति

संकल्प में कहा गया है कि राज्य सरकार के सात निश्चय तीन के तहत घोषित कार्यक्रम की कंडिका 5(च) के तहत एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति अंतर्गत कार्यरत बिहार स्वास्थ्य सेवा संवर्ग, बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग तथा इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्सकों और चिकित्सक शिक्षकों के निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर राज्य सरकार द्वारा सहमति प्रदान की गई है।

उक्त के क्रियान्वयन एवं इसके लिए चिकित्सकों को गैर व्यावसायिक भत्ता, प्रोत्साहन राशि दिए जाने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन के उपरांत अलग से निर्गत किया जाएगा। ऐसी स्थिति में अब तय है कि सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों में काम करने वाले चिकित्सक अपनी सरकारी ड्यूटी के साथ निजी क्लिनिक या निजी प्रैक्टिस नहीं चला पाएंगे। सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाना और मरीजों को बेहतर इलाज देना है।

बिहार में यह शिकायत आम है कि चिकित्सक सरकारी ड्यूटी के दौरान भी निजी प्रैक्टिस में व्यस्त रहते हैं। इससे अस्पतालों में मरीजों को परेशानी होती थी। सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि निजी प्रैक्टिस पर रोक के बदले डॉक्टरों को गैर-व्यवसायिक भत्ता या प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। हाल के दिनों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान सभी सभाओं में कहते रहे थे कि सरकार जल्द ही चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाएगी। अधिसूचना में कहा गया है कि "सुलभ स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन" संकल्प के तहत राज्य सरकार ने सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने का फैसला किया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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