पटना। बिहार में सम्राट कैबिनेट ने रोजगार, कृषि, सिंचाई, पेयजल, खेल, आधारभूत संरचना, सहकारिता और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के 22 हजार पदों पर बहाली से लेकर चौथे कृषि रोडमैप के लिए ₹23,698 करोड़ की स्वीकृति तक कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
सम्राट कैबिनेट ने समेकित बाल विकास सेवाओं (ICDS) के तहत राज्य में आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका के 22 हजार पदों पर नियुक्ति को मंजूरी दी। इससे महिला रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ आंगनबाड़ी सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।
शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति होगी बेहतर
शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए केंद्र प्रायोजित AMRUT 2.0 मिशन के तहत लखीसराय और किशनगंज जलापूर्ति परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। लखीसराय परियोजना पर ₹150.96 करोड़ और किशनगंज परियोजना पर ₹53.71 करोड़ खर्च किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से लाखों परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा।
कृषि क्षेत्र को भी बढ़ावा देने के लिए सजग सरकार
कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के तहत वेजफेड की त्रिस्तरीय सहकारी व्यवस्था के विस्तार के लिए ₹106.39 करोड़ की मंजूरी दी गई। योजना के तहत प्रखंड स्तर पर आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा, सहकारी समितियों को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी और रीफर वाहनों की व्यवस्था की जाएगी।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए ₹9,748 करोड़ की स्वीकृति
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए ₹9,748 करोड़ की स्वीकृति भी दी। वहीं चौथे कृषि रोडमैप के लिए ₹23,698 करोड़ के प्रावधान को मंजूरी मिली। बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में वेतन और पेंशन भुगतान के लिए ₹198 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई।
जमुई जिले में बनेंगे दो नए आरसीसी पुल
आधारभूत संरचना को मजबूत करने के तहत जमुई जिले में NH-333A पर दो नए आरसीसी पुलों के निर्माण को मंजूरी दी गई। खैरा-सोनो मार्ग पर नरियाना घाट (क्यूल नदी) पर ₹93.82 करोड़ और मंगोबंदर-सुकनर नदी पर ₹55.96 करोड़ की लागत से पुल बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय संपर्क, व्यापार और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
खेल क्षेत्र में कैबिनेट ने बिहार खेल नीति-2026 को मंजूरी दी। नई नीति में 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' व्यवस्था को लागू किया जाएगा, जिसके तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का लाभ मिलेगा।
बिहार सहकारिता नीति-2026 को भी मंजूरी
कैबिनेट ने बिहार सहकारिता नीति-2026 को भी मंजूरी दी। इसके अलावा राज्य में विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल), पुलिस प्रयोगशाला और फोटो ब्यूरो को सुदृढ़ करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए बिहार निबंधन नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोग अब घर बैठे भूमि और प्लॉट का निबंधन करा सकेंगे।
बैठक में पटना में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) के कार्यालय एवं आवासीय परिसर के निर्माण के लिए ₹57 करोड़ से अधिक की मंजूरी भी दी गई। साथ ही लघु जल संसाधन विभाग के हाइड्रोलॉजिस्ट एवं हाइड्रोजियोलॉजिस्ट संवर्ग भर्ती नियमावली को स्वीकृति मिली।
तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन 46 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों तथा विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों में मशीन, उपकरण और कंप्यूटर खरीदने के लिए ₹60.49 करोड़ की मंजूरी दी गई।
19 विशेष न्यायालयों के गठन को भी मंजूरी
इसके अलावा बिहार के 19 न्याय मंडलों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए 19 विशेष न्यायालयों के गठन और आवश्यक पदों के सृजन को भी कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की। वहीं बिहार वित्त संशोधन नियमावली-2024 के तहत नामांकन के आधार पर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) को कार्य आवंटित करने की स्वीकृति भी दी गई।
