Biggest Modak For Girgaon Cha Raja: गणपति बप्पा के भक्तों के लिए उत्सव का रंग पूरी दुनिया में छाया हुआ है। महाराष्ट्र और खासतौर पर मुंबई शहर में भव्य और अनोखे पंडालों की सजावट होती है, जो लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। जो उत्सव कभी लोगों को एकता का संदेश देने के लिए शुरू हुआ था, आज वही लाखों-करोड़ों भक्तों को बप्पा का आशीर्वाद पाने के लिए खींच लाता है।
इस बार पंडाल ने दो बड़े आकर्षण
हजारों पंडालों में से कुछ अपनी विशिष्टता से भक्तों को खास तौर पर आकर्षित करते हैं। ऐसा ही एक पंडाल है गिरगांवचा राजा (गिरगांव का राजा)। पिछले 98 वर्षों से यह पंडाल अपनी अनोखी सजावट और सामाजिक संदेशों के कारण भक्तों को मंत्रमुग्ध करता आ रहा है। इस बार पंडाल ने दो बड़े आकर्षण तैयार किए हैं—पहला, पूरी तरह बांस की लकड़ियों से बना पर्यावरण अनुकूल पंडाल और दूसरा, विशाल 850 किलो का मोदक लड्डू।
तैयार करने में करीब 8 दिन लगे
भगवान गणेश को प्रिय मोदक इस बार पारंपरिक सामग्री जैसे घी, बेसन और चीनी से बनाया गया है। भले ही सामग्री आसान लगे, लेकिन इस विशाल लड्डू की यात्रा आसान नहीं थी। रिकॉर्ड बुक ऑफ इंडिया द्वारा इसे अब मुंबई का सबसे बड़ा लड्डू घोषित किया गया है। इस लड्डू को आकार देने में डिजाइनरों और इंजीनियरों की टीम ने लगभग एक साल मेहनत की, जबकि कारीगरों को इसे तैयार करने में करीब 8 दिन लगे।
20,000 भक्तों का पेट भर सकता है ये लड्डू
851 किलो का यह लड्डू अब पूरे पंडाल का मुख्य आकर्षण बन चुका है, जिसकी मिठास और खुशबू भक्तों को अपनी ओर खींच रही है। लड्डू बनाने वाली टीम ने टाइम्स नेटवर्क से बातचीत में बताया कि इस विशाल लड्डू का वितरण गणेश उत्सव के दूसरे दिन से शुरू होगा और इसे प्रसाद के रूप में भक्तों को दिया जाएगा। यह लड्डू करीब 20,000 भक्तों का पेट भर सकता है। पंडाल के सदस्यों का कहना है कि उनके लिए यह लड्डू बनते हुए देखना बेहद रोमांचक अनुभव रहा और अब वे बेसब्री से इसे चखने का इंतजार कर रहे हैं।
