भोपाल

'खेल जगत में रोशन होता अपना मध्यप्रदेश...', CM मोहन यादव ने उज्जैन में बहुद्देशीय खेल परिसर का किया लोकार्पण

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शिक्षा एवं खेल क्षेत्र में वर्ल्ड क्लास इन्फ्रॉस्ट्रक्चर विकास से नई खेल संस्कृति का उदय हुआ। स्पोर्ट्स टीचर्स और कोच को भी शिक्षकों के समान मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के मैदान पर शीघ्र ही विश्व-स्तरीय क्रिकेट स्टेडियम बनेगा। सीएम ने नव-निर्मित राजमाता विजयाराजे सिंधिया बहुद्देशीय खेल परिसर का लोकार्पण किया।

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डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश।

Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने खेलों की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय खेलों में भारत के खिलाड़ियों ने मेडल जीते है। खिलाड़ियों की डाइट, ट्रेनिंग, शिक्षा एवं खेलों में वर्ल्ड क्लास इन्फ्रॉस्ट्रक्चर विकास से नई खेल संस्कृति का उदय हुआ है। उन्होंने कहा कि खेलों से जीवन में परस्पर विश्वास, आत्म-विश्वास और पुरुषार्थ जागृत होता है। प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने खेल को जीवन का हिस्सा बनाकर स्वस्थ भारत का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की मध्यप्रदेश ने नई शिक्षा नीति लागू कर स्पोर्ट्स को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है। राज्य में अब स्पोर्ट्स टीचर्स और खिलाड़ियों के कोच को भी शिक्षकों के समान मौका दिया जाएगा।

नव-निर्मित बहुउद्देशीय इनडोर खेल परिसर का लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश के 69वें स्थापना दिवस पर भगवान श्रीमहाकाल की पावन नगरी उज्जैन में 11.43 करोड़ रूपये की लागत से नव-निर्मित बहुउद्देशीय इनडोर खेल परिसर के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेशवासियों को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस, दीपावली एवं गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में जिम्नास्टिक, एथलेटिक, बास्केट बॉल, मलखंभ आदि खेलों का स्वर्णिम इतिहास रहा है। देश में आज मलखंब खेल की बात आती है तो उसमें उज्जैन का नाम सबसे पहले आता है। उज्जैन में मलखंब और जिम्नास्टिक अकादमी भी संचालित की जा रही है। इन खेल परिसर से मालवा क्षेत्र के युवा खिलाडी अपने खेल कौशल का पूर्ण क्षमता के साथ सदुपयोग कर अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक अर्जित कर देश-प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

उज्जैन में एस्ट्रो-टर्फ युक्त स्टेडियम की सुविधा की घोषणा

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में भारत ने ओलंपिक खेलों में हॉकी में लगातार मेडल जीते हैं। राज्य के हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर भी पदक विजेता टीम का हिस्सा रहे हैं, उनकी इस उपलब्धि से प्रदेश गौरवान्वित हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हॉकी और ध्यानचंद स्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए शीघ्र ही उज्जैन में एस्ट्रो-टर्फ युक्त स्टेडियम की सुविधा प्रदान करने की घोषणा भी की।

उन्होंने कहा कि क्षीरसागर स्टेडियम को भी शीघ्र ही बहुउद्देशीय परिसर बनाया जाएगा। इसी के साथ विक्रम विश्वविद्यालय के मैदान पर शीघ्र ही विश्वस्तरीय क्रिकेट स्टेडियम बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेल परिसर का भ्रमण कर मलखंब एरिना में मलखंभ खेल का प्रदर्शन भी देखा। उन्होंने नव-निर्मित खेल परिसर के शूटिंग एरिना में शूटिंग का आनंद भी लिया। टेबल टेनिस खिलाड़ी अनुज मिश्रा के साथ टेबल टेनिस भी खेला। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बैडमिंटन, टेबल टेनिस और एथलेटिक्स के खिलाड़ियों से चर्चा कर उनका हौसला बढ़ाया।

इस बहुउद्देशीय खेल परिसर की खूबियां जानिए

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लोकार्पित राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर लगभग 18 एकड़ भूमि में निर्मित है। इस खेल परिसर का निर्माण 11.43 करोड़ रुपए से हुआ है। नव-निर्मित खेल परिसर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के एथलेटिक सिंथेटिक ट्रेक के साथ बहुउद्देशीय खेल परिसर भी है, जिसमें बेडमिंटन, टेबल टेनिस, मलखंब एरिना, शूटिंग, फुटबॉल मैदान, लॉन टेनिस कोर्ट, खिलाड़ियों की सुविधा के लिए प्लेयर्स लॉबी आदि सुविधाओं सहित अत्याधुनिक जिम की स्थापना की गई है। इसमें खिलाड़ियों के साथ दर्शकों के बैठने की भी व्यवस्था है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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