भोपाल

Ujjain: खुशखबरी! उज्जैन को मिलने जा रही है मेडिकल कॉलेज की सौगात, इस दिन होगा भूमि पूजन

Ujjain News: मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए उज्जैन में एक नए मेडिकल कॉलेज की निर्माण किया जाएगा। इसका भूमि पूजन 21 नवंबर 2024 को होना है। इससे लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा भी मिलेगी और एमबीबीएस की सीटों में भी वृद्धि होगी।

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उज्जैन को मिलने जा रही है मेडिकल कॉलेज की सौगात

Ujjain News: मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए हर हिस्से में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है। ताकि लोगों को स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों से इलाज के लिए बहुत दूर न जाना पड़े। लोगों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मध्य प्रदेश सरकार उज्जैन को एक नए मेडिकल कॉलेज की सौगात देने वाली है। उज्जैन में मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन 21 नवंबर 2024 को किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिहाज से अहम होगा। आइए आपको इसके बारे में और जानकारी दें -

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और व्यापक बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और व्यापक बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में 21 नवंबर को मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन होने वाला है। सिंहस्थ-2028 की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए प्रोजेक्ट को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाएगा। इससे उज्जैन और आसपास के जिलों के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेगी ।

सीएम ने कहा कि वर्ष 2003 तक प्रदेश में केवल पांच शासकीय मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 17 हो चुके हैं। प्रदेश में एमबीबीएस सीटें भी 720 से बढ़कर 2,575 हो गई हैं। श्योपुर, सिंगरौली, मंडला और राजगढ़ में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ छतरपुर, दमोह और बुधनी में स्ववित्तीय अनुदान से मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही 12 अन्य जिलों में सार्वजनिक जनभागीदारी नीति के तहत मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया जारी है।

एमबीबीएस सीटों में होगी वृद्धि

मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से एमबीबीएस सीटों में 2,000 से अधिक की वृद्धि होगी। भोपाल और ग्वालियर में अस्पताल की बेड कैपेसिटी को 2,500 तक बढ़ाने के साथ-साथ इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में सुपरस्पेशलिटी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जबलपुर में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन और इंदौर में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई जैसी योजनाएं प्रदेश को चिकित्सा क्षेत्र में अग्रणी बना रही हैं। सीएम यादव ने कहा कि नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 14 मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। वर्तमान में 24 शासकीय नर्सिंग कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जो जल्द ही 37 हो जाएंगे।

(इनपुट - आईएएनएस)

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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