Bhopal News: भोपाल में राजस्व अधिकारियों का विरोध प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा, जिससे न्यायिक कार्यों पर गंभीर असर पड़ा है। अब तक 600 से अधिक कोर्ट मामलों की पेशियां टाल दी गई हैं। यह विरोध 6 अगस्त से शुरू हुए न्यायिक और गैर-न्यायिक कार्यों के विभाजन के खिलाफ किया जा रहा है। अधिकारियों ने प्रतीकात्मक रूप से अपनी गाड़ियों की चाबियां कलेक्टोरेट में जमा कर दी हैं। वे कार्यालयों में उपस्थित तो हैं, लेकिन कोई काम नहीं कर रहे।
प्रत्येक दिन लगभग 500 जनता से जुड़े मामले जैसे नामांतरण, सीमांकन, जाति और आय प्रमाण पत्र—लंबित हो रहे हैं। वहीं, तहसीलदार और नायब तहसीलदार मिलकर हर दिन लगभग 300 मामलों की सुनवाई करते हैं, जो अब प्रभावित हो रही है। अनुमान है कि आने वाले दो दिनों में 900 से अधिक केस और प्रभावित होंगे।
मध्यप्रदेश राजस्व अधिकारी संघ ने राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपनी चिंताएं रखीं हैं। संघ के अनुसार, यह नई व्यवस्था पहले 12 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की गई थी, जिसे बाद में 9 अन्य जिलों में भी विस्तार दिया गया। संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीनचंद कुंभकार ने बताया कि भोपाल, इंदौर और उज्जैन सहित कई जिलों में अधिकारी विरोध कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सामूहिक अवकाश या हड़ताल नहीं की जा रही है और सभी अधिकारी जिला मुख्यालयों पर मौजूद हैं। वहीं, राजस्व मंत्री ने इस व्यवस्था को कैबिनेट का निर्णय बताते हुए कहा कि यह सिर्फ कुछ अधिकारियों पर लागू की गई है।
