भोपाल

संत प्रेमानंद को किडनी डोनेट करना चाहता है मुस्लिम शख्स, पत्र लिखकर जताई इच्छा

मध्य प्रदेश में नर्मदापुरम जिले के इटारसी के मुस्लिम युवक ने वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज को किडनी डोनेट करने की पेशकश की है। युवक आरिफ खान चिश्ती ने किडनी डोनेट करने को लेकर प्रेमानंद जी जी को पत्र लिखा है।

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संत प्रेमानंद को किडनी डोनेट करने की पेशकश

नई दिल्ली: वृंदावन के प्रख्यात संत प्रेमानंद जी महाराज काफी लोकप्रिय हैं। हाल में बॉलीवुड अदाकारा शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा उनसे एकांतिक वार्तलाप में मिले थे और उनको एक किडनी डोनेट करने की इच्छा जताई थी। अब इसमें एक नया नाम जुड़ गया है, जो मध्य प्रदेश के एक मुस्लिम शख्स हैं।

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के इटारसी के रहने वाले आरिफ खान चिश्ती ने नर्मदापुरम के जिलाधिकारी को एक पत्र लिखकर संत प्रेमानंद महाराज को किडनी डोनेट करने की इच्छा जताई है। चिश्ती का कहना है कि उन्हें सोशल मीडिया पर पता चला कि महाराज जी की दोनों किडनियां फेल हैं। इसलिए वह उनको किडनी देना चाहते है।

प्रेमानंद जी को लिखा पत्र

पत्र में उल्लेख किया गया है कि महाराज जी मैं आपसे काफी प्रभावित हूं। आपके वीडियो को देखता हूं। आपके आचरण और व्यवहार से प्रसन्न हूं। आप हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक हैं। समाज में प्रेम शांति का संदेश देते हैं। मीडिया के माध्यम से ही मुझे जानकारी मिली कि आपकी दोनों किडनियां फेल हैं। इसलिए आपके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हूं।

प्रेमानंद जी के प्रवचन से हैं प्रभावित

चिश्ती ने कहा कि नफरती माहौल में आप जैसे संतों का मानव संसार में रहना जरूरी है। इसलिए ऐसे में अपनी स्वेच्छा से आपको अपनी एक किडनी डोनेट करना चाहता हूं। मेरे इस छोटे से उपहार को स्वीकार करें।

वृंदावन के प्रख्यात संत है प्रेमानंद जी

गौर हो कि प्रेमानंद महाराज वृंदावन के एक प्रसिद्ध संत हैं, जो काफी लोकप्रिय हैं। उनके एकांतिक वार्तालाप के वीडियो यूट्यूब पर काफी देखे जाते हैं।

वह अपने सरल, भावपूर्ण और प्रभावशाली शैली के लिए जाने जाते हैं और सुबह में वृंदावन में रोजाना उनके दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। संत प्रेमानंद महाराज राधा रानी के परम भक्त हैं। उनके दर्शन के लिए रोजाना हजारों श्रद्धालु वृंदावन पहुंचते हैं।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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