MP: मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित बाबा महाकाल के प्रोटोकॉल के तहत दर्शन करने के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को अब 250 रुपए का शुल्क चुकाना होगा। बता दें कि, मंदिर प्रशासन की ओर से ये नया नियम एक फरवरी से लागू किया जाएगा। मंदिर प्रशासन के मुताबिक, प्रशासन व सरकार के प्रोटोकॉल के तहत आने वाले वीआईपी दर्शनार्थियों के लिए यह व्यवस्था निशुल्क ही रहेगी।
बता दें कि, बाबा महाकाल के दर्शनों के लिए मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को अब तक विभिन्न विभागों को प्रोटोकॉल के जरिए दर्शन कराने के लिए कोटा निर्धारित है। इस व्यवस्था के जरिए लोगों को शीघ्र दर्शन कराए जाते थे। गौरतलब है कि, प्रोटोकॉल व्यवस्था को खत्म करने के लिए बीती 27 जनवरी को हुई मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में इसका मसौदा तैयार कर ये निर्णय लिया गया था। नए नियम को लागू करने की सूचना मंदिर प्रशासन की ओर से जारी कर दी गई है।
मुफ्त दर्शनों की व्यवस्था के दायरे में रहेंगे ये
बाबा महाकाल मंदिर प्रशासन के मुताबिक एक फरवरी यानी कि, बुधवार से लागू होन जा रही नई व्यवस्था के तहत दर्शन के लिए आने वाले साधु, संत-महंत, महामंडलेश्वर, शंकराचार्य, पीठाधीश्वर, धर्माचार्य, प्रेस क्लब के सदस्य, अधिस्वीकृत प्राप्त पत्रकार सत्कार व्यवस्था के तहत निशुल्क शीघ्र दर्शन व्यवस्था से मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। वहीं अति विशिष्ट व्यक्ति, जो शासन के प्रोटोकॉल श्रेणी में आते हैं, उन्हें भी निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा किसी भी जरिए से कोई दर्शनार्थी दर्शन के लिए आते हैं, तो 250 रुपए प्रति व्यक्ति रसीद लेनी जरूरी होगी।इस वजह से की नई व्यवस्था लागू
बाबा महाकाल के दर्शनों को लेकर मंदिर प्रशासन की ओर से अब तक सरकार व प्रशासन के कई महकमों, प्रेस, न्यायिक विभाग, राजनीतिक दल के लिए प्रोटोकॉल के तहत दर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं का कोटा निर्धारित किया गया था। जिसमें कई बार बिना प्रोटोकाॅल के आने वाले भी निशुल्क दर्शन कर रहे थे। वहीं प्रोटोकाॅल के नाम पर कुछ लोग चांदी बटौर रहे थे। यही वजह थी कि, मंदिर की व्यवस्थाएं बिगड़ रही थी। वहीं मंदिर में प्रोटोकॉल के तहत आने वाले लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही थी, जिसके चलते आम श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान परेशानी होती थी। इसके लिए मंदिर प्रबंधन की ओर से लंबे समय तक व्यवस्था बदलने के लिए स्टडी की गई। इसके बाद ही बैठक में प्रोटोकाॅल व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया।
