Mahakal Lok : नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल 'प्रचंड' के आने से एक दिन पहले ‘श्री महाकाल लोक’ को एक और नुकसान पहुंचा है। गलियारे के मुख्य प्रवेश द्वार के पिलर के ऊपर सीमेंट से बना एक सजावटी हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। इससे वहां मौजूद भक्तों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। उल्लेखनीय है कि ‘श्री महाकाल लोक’ गलियारे की छह प्रतिमाएं चार दिन पहले रविवार दोपहर आई तेज आंधी के चलते गिरकर टूट गई थीं। ये टूटी प्रतिमाएं वहां स्थापित किये गये सप्त ऋषियों में से छह की हैं जो करीब 11 फुट ऊंची थीं।
पीएम मोदी ने किया था लोकार्पण
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल 11 अक्टूबर को 900 मीटर लंबे "श्री महाकाल लोक" गलियारे के पहले चरण का लोकार्पण किया था। कुल 856 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पहले चरण में ‘श्री महाकाल लोक’ को 351 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। नगर पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश मिश्रा ने बताया कि कोई हताहत नहीं हुआ है। भगवान का शुक्र है कि आज शाम कुछ भी दुर्भाग्यपूर्ण नहीं हुआ। वहीं, उज्जैन जिलाधिकारी कुमार पुरुषोत्तम और महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रशांत सोनी से अब तक संपर्क नहीं हो सका है। बता दें कि यह घटना नंदी द्वार पर हुई, जो ‘श्री महाकाल लोक’ गलियारे का मुख्य प्रवेश द्वार है।
कांग्रेस ने भ्रष्टाचार का लगाया आरोप
नेपाल के प्रधानमंत्री 'प्रचंड' आज सुबह करीब 11 बजे उज्जैन स्थित प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन करने आएंगे। उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहां देश विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल नेपाल के प्रधानमंत्री का महाकाल मंदिर में ‘श्री महाकाल लोक’ के नन्दी द्वार पर स्वागत करेंगे। ‘श्री महाकाल लोक’ गलियारे में स्थापित छह मूर्तियों के गिरकर टूटने के संबंध में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस गलियारे के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। उसने आरोप लगाया है कि मूर्ति निर्माण की सामग्री में बेहद ही गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग करके घटिया स्तर का निर्माण किया गया है। हालांकि, सरकार ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
