भोपाल

भगवान कृष्ण के माखन 'चोर' नाम से आपत्ति! टैग हटाने के लिए कैंपेन चलाएगी MP सरकार

मध्य प्रदेश के मोहन यादव सरकार को भगवान कृष्ण को माखन चोर कहे जाने पर आपत्ति है। सरकार का कहना है कि भगवान कृष्ण से जुड़े वह इस 'चोर' टैग को हटाने के लिए एक कंपैन चलाएगी।

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जन्माष्टमी के मौके पर भगवान कृष्ण की पूजा करते हुए। (फोटो- @DrMohanYadav51))

भोपाल: यूं तो भगवान कृष्ण के हजारों नाम है। भगवान कृष्ण किसी के लिए कन्हैया हैं तो किसी के लिए मोहन तो किसी के लिए माखन चोर। लेकिन मध्य प्रदेश की मोहन सरकार को भगवान कृष्ण के माखन चोर नाम से आपत्ति है। सरकार का मानना है कि भगवान को चोर नाम से संबोधित करना ठीक नहीं है लिहाजा अब मध्य प्रदेश की सरकार ने तय किया है कि जनता के बीच जाकर भगवान कृष्ण के माखन चोर नाम पढ़ने के पीछे की असली कहानी बताएंगे और कृष्ण के नाम से चोर का टैग हटाएंगे।

दरअसल कई लोग मानते हैं कि भगवान को माखन चोर का नाम खुद उनकी मां और उनसे स्नेह रखने वाली गोपियों ने दिया था । ऐसे में मोहन सरकार का यह फैसला नई बहस को जन्म दे सकता है

भगवान कृष्ण के माखन चोर नाम के विरोध में सरकार के तर्क:

  • मुगलों के समय में दुष्प्रचार और षड्यंत्र के चलते भगवान कृष्ण के नाम के आगे चोर शब्द जोड़ दिया गया ।
  • कृष्ण बाल गोपाल की टोली बना कर माखन की चोरी करते थे, ताकि माखन कंस तक न पहुचे । यह विरोध का तरीका था, कृष्ण लोकतंत्र के पैरोकार थे।
  • कृष्ण के घर मे हजारों गाय थीं, कृष्ण चोरी क्यों करेंगे ?
  • प्राचीन भजन में प्रमाण है कृष्ण कहते हैं - मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो, बताते हैं कि ग्वाल बालों में उनके मुंह में मक्खन लगा दिया ।

भगवान कृष्ण को माखन चोर कहने पर आपत्ति

भगवान कृष्ण के नाम से चोर का टैग हटाने के लिए मोहन सरकार न केवल लेख, सोशल मीडिया, मीडिया, संगोष्ठी के जरिये जनता तक जाने की तैयारी में है , बल्कि मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकर श्रीराम तिवारी ने टाइम्स नाऊ नवभारत से खास बातचीत में कहा कि भगवान के नाम के आगे कर शब्द का इस्तेमाल करना ठीक नहीं है उसके बारे में जानने की जरूरत है इसलिए इसे हटाया जाना चाहिए। भगवान श्री कृष्ण के इस इतिहास को पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जाएगा।

अलग अलग राय

धर्म की जानकारी रखने वालों के बीच भी इस बारे में दो मत हैं, कोई कहता है कि यह भगवान का प्यारा नाम है। भोपाल के कृष्ण प्रणामी मंदिर के महंत पंडित रामस्वरूप शर्मा का कहना है कि हजारों साल से उन्हें इस नाम से जाना जाता है, लेकिन साथ में उनका यह भी कहना है कि बदली हुई परिस्थितियों में चोर जैसे नाम की वजह से विधर्मी भगवान को बदनाम भी कर सकते हैं।

'माखनचोर' पर आपत्ति क्यों?

धर्म के कुछ जानकार कहते हैं कि आज माखन चोर नाम बदलेंगे तो कल चितचोर, रणछोड़, रासरचैया, और श्याम यानी काला नाम से भी लोगों को आपत्ति हो सकती है लिहाजा भगवान के किसी नाम को बदलने की जरूरत नहीं है । पहले डैडी मम्मी शब्द बदलिए उसके बाद माखन चोर शब्द बदला जाना चाहिए।

मोहन यादव को मिला इस्कॉन का साथ

इस्कॉन मंदिर के पीआरओ पंडित राघव दास का मानना है की मोहन यादव का यह प्रयास स्वागत योग्य है। भगवान के नाम के आगे चोर शब्द का प्रयोग करना अच्छा नहीं लगता और इसके बारे में लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं है।

पूजा करनेवाली महिलाओं को आपत्ति नहीं

इस मुद्दे पर कृष्ण की पूजा करने वाली महिलाओं का कहना है कि गोपियों और कृष्ण की मां उन्हें प्यार से माखन चोर कहती थी, गोपिया चाहती थी कि कृष्णा उनके घर माखन चुराने आए, उन्हें कृष्ण के माखन चोर नाम से कोई आपत्ति नहीं है ना ही कभी चोर जैसा भाव कृष्ण के प्रति इस नाम की वजह से आता है , अगर कोई बच्चा अपने घर में चॉकलेट लेकर खा रहा है तो क्या घर के बच्चे को चोर कहा जाएगा ?

माखनचोर पर कांग्रेस की सियासत भी

कोई भी मुद्दा राजनीति से अछूता कैसे रह सकता है । कांग्रेस ने सरकार से अपील कर दी कि अगर साजिश हुई है तो जांच कमेटी बैठा दें । कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने कहा है कि कृष्ण भगवान चोर नहीं, ये सरकार के लोग चोर हैं।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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