भोपाल

इंदौर डब्बा ट्रेडिंग केस में ED का एक्शन, जब्त की 58 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति

इंदौर डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 34.26 करोड़ रुपये की संपत्तियाँ अटैच की हैं। ये संपत्तियां विशाल अग्रिहोत्री, तरुण श्रीवास्तव, हितेश अग्रवाल, धर्मेश त्रिवेदी, श्रीनिवासन रमासामी, करण सोलंकी, धवल जैन और उनके परिवार के नाम पर मिलीं।

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इंदौर डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ डिजिटल)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इंदौर से जुड़े डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 34.26 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अटैच किया है। यह संपत्तियाँ विशाल अग्रिहोत्री, तरुण श्रीवास्तव, हितेश अग्रवाल, धर्मेश त्रिवेदी, श्रीनिवासन रमासामी, करण सोलंकी, धवल जैन और उनके परिवार के नाम पर पाई गई हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA), 2002 के तहत की गई है।

एफआईआर से शुरू हुई जांच

ED ने यह जांच इंदौर के लसूदिया थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इस एफआईआर में आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज था। जांच के दौरान सामने आया कि ये लोग कई फर्जी कंपनियों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म V Money/VM Trading, 11Starss, Lotusbook247, 8 Stock Heights, Goldmine, Vertex, Gamebetleague, iBull Capital, Playbook, TargetFX, World777 जैसे कई प्लेटफॉर्म चला रहे थे, जिनके जरिए गैरकानूनी डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाजी करवाई जा रही थी।

के जरिए अवैध डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन बेटिंग करवा रहे थे।

पैसे का हेरफेर

ED की जांच में पता चला कि निवेशकों से लिया गया पैसा म्यूल बैंक खातों, हवाला चैनलों और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए घुमाया जा रहा था। यही रकम आगे चलकर सोना-चांदी, लग्ज़री घड़ियाँ, प्रॉपर्टी और बैंक/डीमैट खातों में निवेश की गई।

छापेमारी में मिले सबूत

ED ने दिसंबर 2024, जून और जुलाई 2025 में इंदौर, भोपाल, मुंबई, चेन्नई और अहमदाबाद में सर्च ऑपरेशन चलाए थे। इस दौरान भारी मात्रा में दस्तावेज़, डिजिटल डिवाइस, नकदी, सोना-चांदी और क्रिप्टोकरेंसी जब्त हुई। साथ ही, पूछताछ में दर्ज बयानों से यह साफ हुआ कि अवैध कमाई को परिवार और सहयोगियों के नाम पर संपत्ति बनाने में इस्तेमाल किया गया।

अब तक की कार्रवाई

अब तक ED ने इस मामले में 24.13 करोड़ रुपये की संपत्ति (कैश, गोल्ड-ज्वेलरी, लग्ज़री वॉच, बैंक अकाउंट और डीमैट होल्डिंग्स) पहले ही जब्त/फ्रीज कर दी थी। ताज़ा कार्रवाई में 34.26 करोड़ रुपये और अटैच किए गए। इस तरह कुल मिलाकर 58.39 करोड़ रुपये की संपत्ति अब तक जब्त/फ्रीज की जा चुकी है।

आगे और भी हो सकती है कार्रवाई

ED का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे तथा जब्तियां हो सकती हैं।

Anuj Mishra
अनुज मिश्रा author

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं।... और देखें

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