भोपाल

Indore Crime: बाथरूम के बाहर पड़ा था इंटीरियर डिजाइनर छात्रा का शव, घर वाले जता चुके थे ये अंदेशा

मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही ग्वालियर की इंटीरियर डिजाइनर छात्रा का शव बाथरूम के बाहर से बरामद किया गया है। पुलिस मामले को संदिग्ध मानकर चल रही है।

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Indore Crime: बाथरूम के बाहर पड़ा था इंटीरियर डिजाइनर छात्रा का शव, घर वाले जता चुके थे ये अंदेशा

इंदौर: मध्य प्रदेश में इंदौर के एक छात्रावास में इंटीरियर डिजाइनर की पढ़ाई कर रही छात्रा का शव बाथरूम के बाहर मिला। छात्रा की मौत आखिर कैसे हुई, पुलिस इसकी जांच कर रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, लसूड़िया थाना क्षेत्र में स्थित एक छात्रावास में गुरुवार सुबह कमरे में बाथरूम के बाहर छात्रा कशिश वाधवानी का शव मिला। छात्र यहां के एक इंस्टीट्यूट में इंटीरियर डिजाइनर का कोर्स कर रही थी। कशिश बीते रोज से किसी से फोन पर बात नहीं कर रही थी, जिस वजह से उसके परिजन भी चिंतित थे।

ग्वालियर की थी छात्रा

कशिश मूल रूप से ग्वालियर की निवासी है और उसके पिता केएम वाधवानी सेवानिवृत्ति बैंक अधिकारी हैं। गुरुवार को कशिश का दोस्त तनिष्क छात्रावास पहुंचा, तो उसने देखा की कशिश अचेत अवस्था में कमरे में बाथरूम के बाहर पड़ी हुई है। उसने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस कशिश को अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

संदेह के घेरे में मौत

पुलिस जांच कर रही है आखिर कशिश बाथरूम के बाहर अचेत अवस्था में कैसे पहुंची और कब से वहां पड़ी हुई थी। छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पहली नजर में पुलिस से लेकर अन्य लोगों को भी यह पूरा मामला संदिग्ध लग रहा है। सवाल यही उठ रहा है कि कशिश के साथ कोई हादसा हुआ है या उसने ही कोई कदम उठाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और पुलिस किसी नतीजे पर पहुंच सकेगी। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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