मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल भी जल्द ही देश के मेट्रो मैप में अपना नाम दर्ज कराने वाला है। भोपाल मेट्रो का यहां के निवासियों को लंबे समय से इंतजार है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार 27 जुलाई को निर्माणाधीन भोपाल मेट्रो का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुभाष नगर स्टेशन से AIIMS और AIIMS से कमलापति स्टेशन तक तीन कोच की मेट्रो ट्रेन में सवारी (Test Ride) भी की। इस दौरान उन्होंने भोपाल मेट्रो के अंदर मिलने वाली सुविधाओं का भी जायजा लिया। अब आपने जेहन में प्रश्न होगा कि मुख्यमंत्री साहब ने तो सवारी कर ली, हमें कब भोपाल मेट्रो के सफर का आनंद मिलेगा? तो चलिए इस बारे में जानते हैं -
मुख्यमंत्री ने इस दौरान उम्मीद जताई कि सुभाष नगर से AIIMS तक का प्रायोरिटी कॉरिडोर इस साल अक्टूबर तक ऑपरेशनल हो जाएगा। यानी CM मोहन यादव के अनुसार इस साल अक्टूबर तक आपको भोपाल मेट्रो में सफर का अवसर मिल सकता है।

भोपाल मेट्रो का मैप (फोटो - x.com/OfficialMPMetro)
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, 'भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट का काम तेजी से हो रहा है। जो कुछ अधूरे काम बचे हैं वह अगले डेढ़ से दो महीनों में पूरे कर लिए जाएंगे। सरकार भोपाल के लोगों को अक्टूबर तक मेट्रो का तोहफा देने के लिए तेजी से काम कर रही है।' इस दौरान मुख्यमंत्री पत्रकारों को यह बताने से भी नहीं चूके कि इंदौर मेट्रो को जनता का अच्छा समर्थन मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भोपाल मेट्रो का टेस्ट रन चल रहा है। यही नहीं उन्होंने कहा कि इके रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) ने इसकी जांच का काम भी पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा, 'मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) के कमिश्नर जल्द ही मेट्रो कार्य की जांच करेंगे। एक बार CMRS की तरफ से क्लियरेंस मिल जाने के बाद भोपाल मेट्रो का प्रायोरिटी कॉरिडोर आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।'
बता दें कि भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट को 6941.40 करोड़ की अनुमानित लागत से बनाया जा रहा है। सुभाष नगर से AIIMS तक के प्रायोरिटी कॉरिडोर को बनाने में लगभग 2225 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और इसका निर्माण कार्य पूर्ण होने वाला है। मुख्यमंत्री के अनुसार भोपाल मेट्रो के ऑरेंज और ब्लू लाइन दोनों कॉरिडोर 2030 से पहले चालू करने के लिए रोडमैप तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल मेट्रो को 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि मेट्रो की ऑपरेशनल स्पीड 40 से 60 किमी प्रति घंटे ही रहेगी। इस मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए 27 बेहतरीन मेट्रो ट्रेन सेट लेने की योजना है, जिनमें से 7 पहले ही भोपाल पहुंच चुकी हैं।
भोपाल मेट्रो से निवासियों को न सिर्फ आवाजाही में आसानी होगी, बल्कि यह पर्यावरण को बचाने और प्रदूषण नियंत्रण में भी अहम भूमिका निभाएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने बताया कि इंदौर मेट्रो के सुपर कॉरिडोर से मालवीय नगर (रेडिसन) चौराहे तक के पूरे रूट पर इस साल के अंत तक मेट्रो का परिचालन शुरू हो जाएगा।
