Bhopal: लेक सिटी भोपाल के लोगों के लिए नए साल में एक अच्छी खबर है, अगर सब कुछ समय पर हुआ तो भोपाल मध्य प्रदेश का पहला शहर होगा, जहां मेट्रो ट्रेन पटरियों पर फर्राटे भरेगी। एमपीएमआरसी की ओर से दावा किया जा रहा है कि, 9 महीने बाद शहर के लोगों की मेट्रो ट्रेन में सफर की राह सुगम होगी। बता दें कि, इस समय एमपी के दो बड़े शहरों भोपाल व इंदौर में ट्रेन परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है। भोपाल में पहले ट्रायल और लोकार्पण होगा।
एमपीएमआरसी के एमडी मनीष सिंह के मुताबिक, गत दिनों कोच खरीदने समेत पटरियां बिछाने से लेकर अन्य महत्वपूर्ण निविदाओं को मंजूरी दी है। जिसमें भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए 81 कोच खरीदे जाएंगे। एमडी के मुताबिक, 421 करोड़ रुपए से सुभाष नगर अंडरब्रिज से लेकर एम्स, अलकापुरी, डीआरएम ऑफिस, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, डीबी सिटी, एमपी नगर जोन-1 व आयकर भवन तक कुल 8 मेट्रो रेलवे स्टेशन बन रहे हैं। सुभाषनगर में स्टेशन का काम जमीन से ऊपर दिख रहा है। स्टेशन 100 मीटर लंबे और 14 मीटर चौड़े होंगे।
पर्यावरण की सेहत सुधरेगी
बता दें कि, भोपाल में लोकल परिवहन के लिए 352 सिटी बसें सडकों पर दौड़ रही हैं। इसके अलावा ऑटो, ई-रिक्शा और हजारों निजी वाहन भी हैं। वाहनों की भरमार होने के चलते शहर में ट्रैफिक का भारी दवाब रहता है। राजधानी में कई ट्रैफिक प्वाइंट तो ऐसे हैं जहां पीक ऑवर्स के समय जाम की स्थिति बन जाती है। मेट्रो ट्रेन चलने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा। वहीं निजी वाहन धारकों की जेब का भार भी कम होगा। इसके अलावा सबसे अहम बात तो ये है कि, प्रदूषण घटने से शहर के पर्यावरण की सेहत सुधरेगी।
सितबंर तक ये प्रोजेक्ट होंगे पूरे
एमपीएमआरसी के एमडी मनीष सिंह के मुताबिक सुभाष नगर से करोंद तक मेट्रो अंडरग्राउंड होगी। एम्स से सुभाष नगर का मार्ग तैयार होने के बाद सुभाष नगर से करोंद के बीच यानी बाकी के 9.83 किमी मेट्रो रूट का काम होगा। इस मार्ग पर 39 एकड़ से अधिक जमीन एक्वायर की जा रही है। इसके अलवा अलग-अलग स्थानों की लगभग 8 एकड़ जमीन पर 5 प्लाजा, 6 स्टेशन, 4 पार्किंग व 2 यार्ड बनेंगे। वहीं ओल्ड सिटी में अतिरिक्त पार्किंग व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है। एमडी के मुताबिक, बोगदा ब्रिज के पास मेट्रो का जंक्शन बनेगा, यहां दोनों लाइनें आकर मिलेंगी। यहीं से मेट्रो अंडरग्राउंड हो जाएगी। पहला भूमिगत स्टेशन मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 की ओर बनेगा, जहां ईरानी डेरे की जमीन ली गई है। नादरा बस स्टैंड का मेट्रो स्टेशन भी भूमिगत होगा।
