Cheetah In Kuno: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में रफ्तर के किंग चीतों का कुम्भ लगने वाला है। क्योंकि इस माह फिर से अफ्रीकी देशों से 12 चीते भारत लाए जा सकते हैं। इन चीतों को भी कूनो नेशनल पार्क में ही छोड़ा जाएगा। यह जानकारी केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने मंगलवार को दी। बता दें कि सितंबर माह में पीएम मोदी के 72वें जन्मदिन पर 17 सितंबर को नामीबिया से 8 चीते भारत लाए गए थे। इन चीतों को तभी से क्वारंटाइन में रखा गया था। इन चीतों को जल्द ही जंगल के अंदर छोड़ा जा सकता है।
बता दें कि, कर्नाटक के बांदीपुर टाइगर रिजर्व में आयोजित राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की 20वीं बैठक में कूनो नेशनल पार्क के अधिकारियों ने 12 चीतों को भारत लाने के प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस माह जिन चीतों को भारत लाया जाएगा। उसमें 7 मेल और 5 फीमेल चीते शामिल होंगे। इन चीतों को भारत लाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। चीतों के इंटर कॉन्टिनेंटल ट्रांसफर के लिए जल्द ही दोनों देशों के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर दस्तखत होने वाला है। भारतीय वन्य जीव संस्थान ने भारत में चीता के रिइंट्रोडक्शन के लिए एक्शन प्लान तैयार कर लिया है।
पहले से मौजूद 8 चीते पूरी तरह से फिट
अधिकारियों के अनुसार, इन 12 चीतों के एक साथ रहने से इनको आबादी बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इन सभी चीतों को नामीबिया के अलावा दक्षिण अफ्रीका के दूसरे देशों से भी लाया जाएगा। इन चीतों के आ जाने के बाद दोबार से जरूरत के हिसाब से चीतों को लाया जाएगा। बता दें कि पिछले साल सितंबर माह में नामीबिया से आठ चीतों को लाया गया था। इनमें पांच फीमेल और तीन मेल हैं। इन चीतों को अभी बाड़े में ही रखा गया है। वन जीव विशेषज्ञ अभी इन चीतों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं, हालांकि इनमें से किसी को भी भारत के पर्यावरण में ढलने में परेशानी नहीं हुई है। जिसके कारण ही कूनो नेशनल पार्क के अधिकारी उत्साहित हैं। बता दें कि भारत में 1952 में चीता को विलुप्त घोषित किया गया था। इसके 70 साल बाद सितंबर 2022 में फिर से चीतों की भारत में वापसी हुई।
