Bhopal News: राजधानी भोपाल से 25 किमी के दायरे में सिटी बसें चला करती हैं। अब सिटी बस भोपाल से भोजपुर तक भी जा सकेंगी। पुतलीघर से सीआरपीएफ कैंप बंगरसिया रूट पर दौड़ने वाली 13 बसों को भोजपुर तक चलाने का काम शुरू हो गया है। गुरुवार से यात्री इसका फायदा ले रहे हैं। कुल 4 रूट पर 50 बसों का दायरा बढ़ा दिया गया है।
बता दें कि, भोपाल के 21 रूट पर कुल 352 सिटी बसों में हर दिन डेढ़ लाख यात्री सफर किया करते हैं। इनमें 25 हजार से भी ज्यादा यात्री मंथली और सुपर सेवर प्लान लेकर सफर करते हैं। भोपाल के आसपास कई मनोरम और धार्मिक स्थल मौजूद हैं। इनमें से भोजपुर भी एक है, लेकिन यहां तक सिटी बसें नहीं चलती थीं। इस कारण श्रद्धालुओं को अपने निजी वाहनों से भोजपुर तक का सफर करना पड़ रहा था। पहले भोपाल से भोजपुर जाने के लिए सिटी बस से सीआरपीएफ कैंप बंगरसिया जाना होता था, यहां से दूसरे वाहन से भोजपुर जाना पड़ता था। सीआरपीएफ कैंप बंगरसिया तक तो बसें चला करती थीं, इसलिए इन्हें ही भोजपुर तक चलाए जाने की योजना बन गई। आखिरकार अब सिटी बसों को भोजपुर तक के लिए हरी झंडी दिखा दी गई है।
भोजपुर का शिव मंदिर है दर्शनीय
सिटी बसों को भोजपुर तक चलाने से राजधानी समेत आसपास के क्षेत्र के लोगों को बड़ा फायदा होगा। वे कम किराए में भोपाल से भोजपुर आवागमन कर सकेंगे। ऐसा माना जाता है कि, भोजपुर में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग मौजूद है। इसके चलते बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने के लिए वहां जाते रहते हैं। अब तक बसों की सीधी कनेक्टिविटी भोजपुर तक नहीं थी। सावन और महाशिवरात्रि के अलावा वीकेंड पर भी लोगों की भारी भीड़ रहती है।
तीन अन्य रूट का भी हुआ विस्तार
बता दें कि, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से ओरिएंटल कॉलेज तक चलने वाली सिटी बसें अब एनएनसीटी कॉलेज तक जा रही हैं। इसी तरह नेहरूनगर से सूखी सेवनिया तक कुल 10 बसें चला करती हैं। यह बसें अब सूखी सेवनिया से आगे बढ़कर अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय एवं जेके हॉस्पिटल तक चल रही हैं। बता दें कि, जो बसें सैर सपाटा से ट्रांसपोर्ट नगर कोकता तक चल रही थीं, वो अब रातीबढ़ तक चल रही हैं। इस रूट पर कुल 15 सिटी बसें दौड़ती हैं।
