भोपाल

Bhopal: अलार्म चेन खींचने के बढ़ते मामलों पर रेलवे ने कसी सख्ती, यात्रियों पर हुई कड़ी कार्रवाई

भोपाल रेल मंडल में अलार्म चेन खींचने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जो रेलवे संचालन के लिए गंभीर चुनौती बन गई हैं। यात्रियों द्वारा निजी कारणों से इसका दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे ट्रेनें बार-बार अनावश्यक रूप से रुक रही हैं। रेलवे ने अब इस लापरवाही के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।

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भोपाल में अलार्म चेन पुलिंग के मामलों में बढ़ोतरी (सांकेतिक फोटो: Canva)

Bhopal News: भोपाल रेल मंडल में जुलाई 2025 तक अलार्म चेन खींचने की घटनाओं में तेज़ी से इजाफा हुआ है। इस वर्ष अब तक ऐसे 3,383 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 2,981 मामलों में यात्रियों पर कार्रवाई की गई है और कई को जुर्माना भरना पड़ा है।

भारतीय रेल ने यह सुविधा यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन स्थिति में सहायता के उद्देश्य से शुरू की थी, लेकिन हाल के समय में इसका गलत इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। कई यात्री निजी कारणों या सुविधा के लिए अलार्म चेन खींच रहे हैं, जैसे देर से स्टेशन पहुंचना, परिजनों का छूट जाना या गलत कोच में चढ़ जाना।

जानकारी के मुताबिक, इस तरह की घटनाएं रानी कमलापति, भोपाल, इटारसी, विदिशा, बीना, हरदा, गुना और शिवपुरी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर अधिक देखी जा रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. अभिषेक के निर्देश पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने जांच और जनजागरूकता अभियान तेज कर दिए हैं।

यात्रियों को चेताया जा रहा है कि अलार्म चेन का अनावश्यक इस्तेमाल एक दंडनीय अपराध है, जिससे ट्रेन की गति बाधित होती है और सैकड़ों यात्रियों की यात्रा प्रभावित होती है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ऐसी लापरवाह हरकतों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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