Pahado Ki Kashi: भारत को विविधताओं से भरा देश माना जाता है। यहां की समृद्ध संस्कृति, अनोखी परंपराएं और गौरवशाली इतिहास इसे दुनिया के अन्य देशों से खास बनाते हैं। यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से लोग भी भारत की इस विविधता को करीब से देखने और समझने के लिए आते हैं। वर्तमान में भारत में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं, और इन सभी में कई जिले मौजूद हैं, जिनकी अपनी अलग पहचान और विशेषताएं हैं। वैसे तो आपने उत्तर प्रदेश की काशी और उत्तराखंड की उत्तरकाशी के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या आपको पता है कि इसके अलावा भी एक ऐसा शहर है, जिसे “पहाड़ियों की काशी” के नाम से जाना जाता है? अगर नहीं तो आइए जानें इस दिलचस्प शहर बारे में।

यहां है पहाड़ों की काशी
पहाड़ों की काशी किस शहर को कहते हैं?
बात करें “पहाड़ों की काशी” की, तो यह उपाधि मंडी जिले को दी जाती है, जो हिमाचल प्रदेश में स्थित है। मंडी में छोटे-बड़े मिलाकर 80 से ज्यादा शिव मंदिर मौजूद हैं। मान्यता है कि वाराणसी में भी लगभग इतने ही शिव मंदिर हैं, इसलिए मंडी को “छोटी काशी” या “पहाड़ों की काशी” कहा जाता है। इसके अलावा, जिस प्रकार वाराणसी गंगा नदी के तट पर बसा है, उसी तरह मंडी ब्यास नदी के किनारे स्थित है। इस नदी के तट पर भी काशी की तरह कई प्रमुख घाट बने हुए हैं, जो इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को और बढ़ाते हैं।
उत्तर प्रदेश का यह गांव कहलाता है छोटी काशी
वहीं, उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की पुवायां तहसील में स्थित नाहिल गांव अपनी धार्मिक पहचान के लिए जाना जाता है। इस गांव में छोटे-बड़े मिलाकर लगभग 100 मंदिर हैं और खास बात यह है कि गांव के चारों दिशाओं में भी मंदिर बने हुए हैं। यहां लगभग हर गली और कई घरों के पास मंदिर देखने को मिल जाते हैं, जिनसे जुड़ी गहरी धार्मिक मान्यताएं हैं। इसी आस्था और मंदिरों की अधिकता के कारण दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। यही वजह है कि इस गांव को प्रदेश में “छोटी काशी” के नाम से भी पहचाना जाता है।
