शहर

अब चलती ट्रेन में नहीं होगी पैसों की किल्लत, रेलवे ने लगाया ATM on Wheel; देखें वीडियो

जल्दी-जल्दी में ट्रेन में तो चढ़ गए, लेकिन जेब में कैश नहीं होने की वजह से परेशानी हो रही है तो आपकी यह परेशानी कुछ ही दिनों की है। क्योंकि भारतीय रेलवे ने ATM on Wheel का ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। उम्मीद की जानी चाहिए कि जल्द ही कई ट्रेनों में यह सुविधा मिलने लगेगी।

Image

ATM on Wheel का ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा

Photo : Twitter

ATM on Wheels: भारतीय रेलवे देश को एक सूत्र में पिरोती है। इतने बड़े देश को जोड़ने के लिए भारतीय रेलवे से अच्छा साधन कुछ भी नहीं है। कई ट्रेनों को अपने सोर्स स्टेशन से डेस्टिनेशन स्टेशन तक जाने में तीन से चार दिन लग जाते हैं। ऐसे में सफर के दौरान कहीं आपकी पॉकेट खाली न हो जाए, इसके लिए रेलवे ट्रेनों में ATM की व्यवस्था करने जा रही है। सेंट्रल रेलवे ने इसके लिए सफलतापूर्वक ट्रायल रन भी कर लिया है।

तो अब ट्रेन के सफर के दौरान अगर कैश की जरूरत पड़े तो चिंता करने की जरूरत नहीं। और न ही रास्ते में किसी स्टेशन के आने का इंतजार करना है, न ही स्टेशन पर उतरना पड़ेगा। रेलने अब चलती ट्रेन के अंदर ATM लगाने जा रही है। ATM ऑन द व्हील का यह कॉन्सेप्ट है बड़ा यूनीक।

सेंट्रल रेलवेज ने मनमाड़-MSMT पंचवटी एक्सप्रेस में बैंक ऑफ महाराष्ट्र का ATM लगाकर इस ATM on Wheels का ट्रायल रन किया है। इस संबंध में स्वयं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट किया है।

भारतीय रेलवे ने पिछले कुछ वर्षों में काफी प्रगति देखी है। न सिर्फ रेलवे नेटवर्क बढ़ा है, बल्कि ट्रेन नेटवर्क का दोहरीकरण और विद्युतीकरण भी हुआ है। इसके अलावा वंदे भारत एक्सप्रेस और अमृत भारत जैसी ट्रेनों ने भारतीय रेलवे की शक्ल ही बदलकर रख दी है।

इन अत्याधुनिक ट्रेनों के चलने से ट्रेनों में सुविधाओं का विस्तार तो हुआ ही है। भारतीय रेलवे की लेट-लतीफी की छवि को भी बदलने में कामयाबी मिली है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article