Atiq Ahmed 30 Crore Property Attached: हत्या के 3 साल 6 महीने बीत जाने के बाद भी माफिया अतीक अहमद के अवैध और बेनामी आर्थिक साम्राज्य की परतें लगातार खुल रही हैं। सोमवार को प्रयागराज पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए भीटी (असदुल्लापुर) इलाके में लगभग 11 बीघा जमीन पर फैले 14 भूखंडों को कुर्क कर लिया है।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार कुर्क की गई इन जमीनों की बाजार में अनुमानित कीमत करीब 30 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
शाइस्ता परवीन के लिए बनना था फार्म हाउस
कुर्की के बाद सामने आई ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, घनी आबादी के बीच स्थित इस बेशकीमती जमीन पर माफिया अतीक की फरार बेगम शाइस्ता परवीन के लिए एक आलीशान फार्म हाउस बनाने की योजना थी:
लोकेशन की अहमियत: यह जमीन प्रयागराज एयरपोर्ट से महज कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और इसके ठीक आसपास 'यूनाइटेड मेडिसिटी' जैसी बड़ी इमारतों वाली यूनिवर्सिटी भी बनी हुई हैं।
खजूर के पेड़ और घेराबंदी: मौके पर कई बड़े-बड़े खजूर के पेड़ लगे हुए हैं और इस जमीन पर माफिया के गुर्गों ने अलग-अलग आराजी नंबरों पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था।
मदनलाल भारतीय के नाम दर्ज थी बेनामी संपत्ति
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अतीक अहमद ने अपने आपराधिक प्रभाव और भय के बल पर लोगों को डरा-धमकाकर यह जमीन सस्ते दामों में हासिल की थी और इसे अनुसूचित जाति के मदनलाल भारतीय के नाम पर बेनामी संपत्ति के रूप में दर्ज कराया था।
अधिकारियों की रिपोर्ट पर एक्शन: इस बेनामी संपत्ति की विस्तृत रिपोर्ट धूमनगंज थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य और तत्कालीन एसडीएम सदर रहे अभिषेक सिंह द्वारा शासन स्तर पर भेजी गई थी।
अदालती आदेश पर कुर्की: प्रयागराज पुलिस आयुक्त न्यायालय के आदेश पर कैंट व एयरपोर्ट थाना पुलिस और राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर मुनादी कराई और कुर्की के सरकारी बोर्ड लगा दिए।
345 करोड़ से ज्यादा की कार्रवाई पहले भी हुई
अतीक अहमद की 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बावजूद उसकी बेनामी संपत्तियों पर कानूनी शिकंजा जारी है। इससे पूर्व जुलाई 2026 में भी अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ और शाइस्ता परवीन से जुड़ी करीब 345 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियों और बैंक खातों को सीज किया गया था।
प्रशासन अब भी इस जांच में जुटा है कि अतीक ने अपने नेटवर्क के जरिए और कितनी संपत्तियां दूसरे लोगों के नाम पर दर्ज करा रखी थीं।
