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APPSC परीक्षा घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, मूल्यांकन के नाम पर 1.14 करोड़ का खेल? IPS अधिकारी के ठिकाने पर छापा

FIR में परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की मैनुअल जांच में गड़बड़ी और साजिश के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि इस काम के लिए एक निजी कंपनी को 1 करोड़ 14 लाख 32 हजार 312 रुपये का भुगतान किया गया।

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(फाइल फोटो-Twitter)

दिल्ली : आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) की ग्रुप-1 मुख्य परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन में कथित गड़बड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED के हैदराबाद जोनल ऑफिस की टीम ने 4 नवंबर को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में सात ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें हैदराबाद, सिकंदराबाद और आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के ठिकाने शामिल हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई।

ED की जांच विजयवाड़ा के सूर्यरावपेट पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी। इस FIR में परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की मैनुअल जांच में गड़बड़ी और साजिश के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि इस काम के लिए एक निजी कंपनी को 1 करोड़ 14 लाख 32 हजार 312 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि कंपनी ने वास्तव में मैनुअल मूल्यांकन का काम किया ही नहीं था।

जांच के मुताबिक, आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने वर्ष 2021 में डिजिटल तरीके से जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को रद्द करते हुए दोबारा मैनुअल जांच कराने का आदेश दिया था। इसके बाद 27 नवंबर 2021 से 19 फरवरी 2022 के बीच उत्तर पुस्तिकाओं की जांच का काम M/s Camsign Media Pvt. Ltd. को सौंपा गया। उस समय APPSC में कोई नियमित चेयरमैन भी नहीं था।

ED के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं को सरकारी कार्यालय से बाहर निकालकर गुंटूर जिले के चिनाकाकानी गांव स्थित हैलैंड रिजॉर्ट में रखा गया था। दिसंबर 2021 से फरवरी 2022 के बीच करीब 84 दिनों तक ये कॉपियां रिजॉर्ट में रखी गईं। आरोप है कि वहां वास्तव में कॉपियों की दोबारा मैनुअल जांच नहीं की गई, बल्कि पहले से हुए डिजिटल मूल्यांकन के अंकों को ही मैनुअल मूल्यांकन के नाम पर दर्ज कर दिया गया।

इस काम को पूरा करने के नाम पर 16 फरवरी 2022 को निजी कंपनी को 1.14 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। यह चेक तत्कालीन APPSC सचिव ने जारी किया था। हालांकि बाद में इस पूरी प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया। 19 फरवरी 2022 के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को वापस सरकारी परिसर में लाया गया और CCTV कैमरों की निगरानी में दोबारा जांच कराई गई। इसी बाद की जांच के आधार पर परीक्षा का अंतिम परिणाम और चयन सूची जारी की गई।

ED का आरोप है कि निजी कंपनी को 1.14 करोड़ रुपये ऐसे काम के लिए दिए गए, जो वास्तव में हुआ ही नहीं। एजेंसी इसे अपराध से अर्जित आय मानकर मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है।

इन लोगों और ठिकानों पर हुई छापेमारी..

ED की टीम ने तत्कालीन APPSC सचिव और IPS अधिकारी पी. सीतारामांजनेयुलु के ठिकाने पर तलाशी ली। इसके अलावा मैनुअल मूल्यांकन का ठेका पाने वाली कंपनी Camsign Media Pvt. Ltd. और उसके मैनेजिंग डायरेक्टर पी. मधुसूदन राव के परिसरों पर भी छापेमारी की गई। गुंटूर के चिनाकाकानी गांव स्थित Aavasa Resort Haailand की भी तलाशी ली गई, जहां उत्तर पुस्तिकाएं रखे जाने और मूल्यांकन की प्रक्रिया चलने का आरोप है।

इसके अलावा पहले डिजिटल मूल्यांकन का काम करने वाली कंपनी TruGrader Services (Stone Media Advisory Services Pvt. Ltd. की एक इकाई), उसके मैनेजिंग डायरेक्टर अकेला पेरी निवासा राव और मूल्यांकन कार्य से जुड़े महमंकाली रघुराम के ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई।

दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त.

छापेमारी के दौरान ED को मामले से जुड़े कई अहम दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और दूसरे रिकॉर्ड मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। तत्कालीन APPSC सचिव पी. सीतारामांजनेयुलु समेत आरोपियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। तलाशी के दौरान मिले संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। ED का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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