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IDFC First बैंक घोटाला, चंडीगढ़ नगर निगम के खाते से भी 116 करोड़ का गबन; FIR दर्ज

'चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड' के फंड में हुए एक बड़ी वित्तीय अनियमितता के मामले पर सख्त कार्रवाई हुई है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के एक मैनेजर ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर 116.84 करोड़ रुपये का गबन करने की कोशिश की थी। हालांकि, ​​​इस मामले पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

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स्मार्ट सिटी फंड में सेंध

Photo : Times Now Digital

Chandigarh News: चंडीगढ़ के विकास के लिए रखे गए 'चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड' के फंड में हुए एक बड़ी वित्तीय अनियमितता को लेकर सख्त कार्रवाई हुई है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इसमें धोखाधड़ी (धारा 318(4)), आपराधिक साजिश (61(2)) और अमानत में खयानत (316(5)) जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के एक मैनेजर ने बैंक के अन्य अधिकारियों और जालसाजों के साथ मिलकर नगर निगम के 116.84 करोड़ रुपये का गबन करने की कोशिश की थी। अब इस मामले में पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस घोटाले में बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों या नगर निगम के कुछ कर्मचारियों की भी मिलीभगत थी।

पुलिस को आशंका है कि इतने बड़े पैमाने पर जाली मुहर और दस्तावेजों का खेल बिना 'अंदरूनी मदद' के संभव नहीं है। शुरुआती जांच में पता चला है कि IDFC फर्स्ट बैंक के संबंधित ब्रांच मैनेजर ने जाली दस्तावेज तैयार किए और उन पर बैंक की मुहर लगाकर नगर निगम के अधिकारियों को गुमराह किया।

फर्जी रसीदों का खेल

पूरा मामला तब शुरू हुआ जब चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड का फंड नगर निगम को ट्रांसफर किया जाना था। इस प्रक्रिया के लिए आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में एक विशेष खाता खोला गया था। बैंक मैनेजर ने निगम के अधिकारियों को विश्वास में लेने के लिए 116.84 करोड़ रुपये जमा होने के बदले फिक्स्ड डिपॉजिट रसीदें (FDRs) जारी कर दीं। इन रसीदों पर बैंक की मुहर और अधिकृत हस्ताक्षर भी थे।

वेरिफिकेशन में खुली पोल

घोटाले का खुलासा तब हुआ जब नगर निगम ने आंतरिक ऑडिट और फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया के दौरान इन रसीदों का बैंक से वेरिफिकेशन कराया। जांच में पता चला कि निगम को दी गई सभी रसीदें पूरी तरह से फर्जी थीं। बैंक के आधिकारिक रिकॉर्ड में इस भारी-भरकम राशि का कोई हिसाब-किताब मौजूद नहीं था।

मामला गहराने और पुलिस तक पहुंचने के बाद आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने नगर निगम को पूरी राशि वापस कर दी है। बैंक की ओर से निगम को मूल राशि और ब्याज मिलाकर करीब 121 करोड़ रुपये लौटा दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि यह गड़बड़ी करीब दो महीने पहले हुई थी, लेकिन औपचारिक शिकायत और मामला सोमवार को दर्ज किया गया।

Manoj Kumar
मनोज कुमार author

मनोज कुमार को टीवी पत्रकारिता में काम करने का 20 साल का अनुभव है. वर्तमान में वह Times Now नवभारत में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. 2022 से चंडीगढ़ ब्यूरो हेड के तौर पर चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश को कवर कर रहे हैं. उन्होंने पंजाब बाढ़ त्रासदी, ऑपरेशन सिंदूर जैसी बड़ी घटनाओं को ग्राउंड जीरो से कवर किया है. हिमाचल प्रदेश में संजौली मस्जिद कवरेज के लिए उन्हें ENBA अवॉर्ड मिल चुका है.

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