Maharashtra : महाराष्ट्र के अमरावती जिले में अचलपुर नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी(भाजप), ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन ( AIMIM) और कांग्रेस ने मिलकर अलग-अलग कमिटी के चेयरपर्सन का चुनाव बिना किसी विरोध के पक्का किया है। पिछले महीने अचलपुर में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में, कांग्रेस ने 41 में से 15 सीटें जीतीं, उसके बाद BJP ने 9 सीटें, AIMIM (3), निर्दलीय (10), प्रहार जनशक्ति पार्टी (2) और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी ने 2 सीटें जीतीं। अचलपुर नगर पालिका में भाजपा और एआईएमआईएम का 'अघोषित गठबंधन' सामने आने से सियासी गलियारों में हलचल मच गई है।
विधानसभा और लोकसभा चुनावों में एक-दूसरे पर तीखे हमले, वोटरों को गुमराह करने वाले आरोप–प्रत्यारोप और वैचारिक विरोध की लंबी-चौड़ी बातें, लेकिन जैसे ही बात स्थानीय निकायों में सत्ता स्थापना की आती है, वही दल आपसी सहमति से कुर्सियों का बंटवारा करते दिखाई दे रहे हैं। अकोला जिले से लेकर अमरावती तक सामने आई ताजा घटनाओं ने भाजपा और एमआईएम के बीच ‘अघोषित गठबंधन’ को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है, जिसमें कई जगह कांग्रेस भी भूमिका निभाती नजर आ रही है।

अचलपुर निकाय चुनाव। तस्वीर-टाइम्स नाउ नवभारत
अचलपुर नगर परिषद : भाजपा के सहारे एमआईएम को सभापति पद
शिक्षा एवं क्रीड़ा समिति के सभापति पद पर एआईएमआईएम के नगरसेवक को भाजपा के खुले समर्थन से चयन मिला। यहां समीकरण कुछ इस प्रकार रहे- भाजपा को AIMIM के 3 नगरसेवक, अजित पवार गुट NCP के 2, 3 निर्दलीय नगरसेवकों का समर्थन मिला। बीजेपी और एमआईएम ने अचलपुर में एक साथ आने का निर्णय लिया लेकिन इसकी जानकारी इस मतदार संघ के विधायक प्रवीण तायडे को भी नहीं दी जिससे तायडे नाराज दिखाई पड़ रहे हैं।AIMIM ने कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया
उन्होंने कहा कि 'मुझे इस गठबंधन के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके लिए मुझसे कोई चर्चा नहीं हुई। मैं अमरावती महानगर पालिका चुनाव में व्यस्त था। यह परिषद लेवल पर हुआ, मैं इसकी जानकारी लेकर सीएम फडणवीस और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को बताऊंगा।' दूसरी ओर एमआईएम के जिला अध्यक्ष ने इस प्रकार की युक्ति होने से इनकार करते हुए इस घटना के लिए पूरी तरह कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।
