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अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत निकाला 1150 स्टेशनों का टेंडर, जानें पूरी डिटेल्स

अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत कई रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। इससे न केवल रेलवे स्टेशन का विकास हो रहा है बल्कि आस-पास के इलाकों के साथ स्टेशन की खाली पड़ी जमीन का भी विकास किया जा रहा है। इसे लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।

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अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कई शहरों और जिलों के रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। इस योजना के तहत छोटे-बड़े मिलाकर करीब 1308 रेलवे स्टेशनों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। इस योजना के तहत रेलवे स्टेशनों की स्थिति में सुधार के साथ यात्रियों को भी कई सुविधाएं मिलेगी। रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प लोगों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने के लिए किया जा रहा है, इसके साथ ही इससे रोजगार के भी अवसर पैदा हो रहे हैं।

इतने स्टेशनों के पुननिर्माण का टेंडर निकला

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 1150 रेलवे स्टेशनों के पुनर्निर्माण का टेंडर निकाला जा चुका है। वहीं कई स्टेशनों के कायाकल्प की प्रक्रिया अभी बाकी है। इस बीच आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मार्च तक में इस योजना के तहत लगभग 500 स्टेशनों के पुनर्निर्माण का शिलान्यास किया गया है।

रेलवे स्टेशन का पुनर्निर्माण आकर्षित करेगा वोटर

रेलवे स्टेशनों के पुनर्निर्माण के लिए 80 हजार करोड़ रुपये की इस योजना से स्टेशनों के विकास का असर वोटर्स पर भी पड़ेगा। वैसे ही रेलवे का राजनीति से हमेशा से गहरा संबंध है। कई नेता वोट के लिए रेलवे का सहारा लेते आएं हैं। हालांकि काम चलाऊ कार्य की बजाए अब रेलवे का विकास बेहतर तौर पर किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत न केवल रेलवे स्टेशनों की बल्कि शहरों की भी सूरत बदल रही है।

रेलवे स्टेशनों के विकास से बदलेगी शहर की तस्वीर

रेलवे स्टेशनों के विकास से इसके आस-पास के क्षेत्रों का भी विकास हो रहा है। जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत चुने गए 1308 रेलवे स्टेशन में से 300 स्टेशन ऐसे शहरों में हैं, जिनकी आबादी 1 लाख से अधिक है और अधिकतर ऐसे शहरों में है जिनकी आबादी 50 हजार से अधिक आबादी वाले शहरों में है। वहीं कुछ रेलवे स्टेशन 1 हजार से कम आबादी वाले क्षेत्रों में भी है। ऐसे में रेलवे स्टेशनों का विकास केवल यात्रियों के लिए सुविधा ही नहीं बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।

अंडरब्रिज और ओवरब्रिज का निर्माण

रेलवे की पटरियां शहरों को आपस में जोड़ने के कई क्षेत्रों से होकर गुजरती हैं। ऐसे में ट्रेन के आने पर रास्ते को लोगों के लिए बंद किया जाता है। इस दौरान अक्सर लोग ट्रेन के गुजरने के इंतजार में खड़े रहते हैं और जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। लोगों को इस परेशानी से मुक्त करने के लिए ओवर ब्रिज और अंडरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। ताकि रेल आने से सड़क यातायात प्रभावित न होए। लोग आसानी से इधर से उधर जा सकें। इसके अलावा स्टेशन की व्यर्थ जमीन पर रेस्टोरेंट आदि का निर्माण किया जाएगा, जिसे किराए पर देकर रेलवे को राजस्व का लाभ मिलेगा। इससे कारोबारियों, निवासियों एवं, यात्रियों के साथ रेलवे को राजस्व की प्राप्ति होगी।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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