कथित राम मंदिर चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद से यूपी में सपा को बूस्ट सा मिल गया है। सपा इसे लेकर लगातार भारतीय जनता पार्टी, आरएसएस और योगी सरकार पर हमलावर है। सपा सुप्रीमो लगातार इसे लेकर बयान पर बयान दिए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज उन्होंने फिर भाजपा पर नए आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की नजर नेशन पर नहीं, डोनेशन पर रहती है।
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने और जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। प्रयागराज में एक प्रेस कांफ्रेस में कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और प्रसाद की कथित चोरी को लेकर आरोप लगाया कि यह भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने कहा, इस सरकार में चौतरफा लूट है। भाजपा के शब्दकोष में न धर्म है और न शर्म। अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी आस्था के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या के लोग कह रहे हैं कि चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के तार कर्नाटक से जुड़े हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि वहां गैर-पंजीकृत और भूमिगत लोग चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने और चुनावी गतिविधियों में शामिल रहते हैं। भाजपा का ध्यान देश से ज्यादा दान पर है।सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मामले में केवल ’’छोटी मछलियां’’ पकड़ी जा रही हैं, जबकि ’’बड़ी मछलियों’’ को बचाया जा रहा है।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा कि हाल में लखनऊ में कोचिंग सेंटर में आग लगने जैसी घटनाएं भ्रष्टाचार और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का परिणाम हैं, जिनमें विद्यार्थियों और नौकरी के अभ्यर्थियों की जान गई।
उन्होंने भाजपा सरकार पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद गंगा की सफाई में विफल रहने का भी आरोप लगाया।
सपा अध्यक्ष ने प्रयागराज में आयोजित सपा के ’विजन इंडिया’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार और निवेश जैसे मुद्दों पर चर्चा की है। यादव ने कहा कि अगर 2027 में सपा की सरकार बनती है तो शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।
