Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर मंगलवार को सरकार पर अपना हमला और तेज करते हुए कहा कि इस संबंध में शिकायतें अब उस स्तर तक पहुंच गई हैं, जहां प्राथमिकी दर्ज करने पर चर्चा हो रही है। सपा प्रमुख ने संवाददाताओं से कहा कि अगर भगवान राम से जुड़े पवित्र कार्य के लिए दिए गए दान और चढ़ावे की चोरी या उसके दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं, तो इन शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट में कहा कि चढ़ावा चोरी कांड को लेकर कई सवाल अनुत्तरित हैं और मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए।
"ट्रस्टी क्या कहना चाहते हैं, यह किसी को समझ नहीं आ रहा है"
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "ट्रस्टी क्या कहना चाहते हैं, यह किसी को समझ नहीं आ रहा है। हेराफेरी में शामिल लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें अखबारों, टीवी चैनलों, मीडिया पोर्टलों और यूट्यूब चैनलों के जरिए प्रसारित की जा रही हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि पहले पुलिस इस संबंध में कुछ नहीं कहती, लेकिन बाद में किसी दबाव में आकर खंडन जारी करती है। उन्होंने दावा किया कि जनता के आक्रोश को देखकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता असहज हो गए हैं। सपा प्रमुख ने आगे कहा, "भाजपा के संगी-साथी इस मामले से दूरी बनाने के लिए हमेशा की तरह भूमिगत हो गए हैं। लखनऊ की सरकार ने अपने मुंह पर ताला लगा लिया है और दिल्ली की सरकार का ड्रोन और दूरबीन पता नहीं कहां हैं।"
सनातन धर्म के अनुयायियों के बीच आशंकाएं बढ़ गईं
अखिलेश यादव ने कहा कि इन अस्पष्ट परिस्थितियों के कारण देश और विदेश में सनातन धर्म के अनुयायियों के बीच आशंकाएं और बढ़ गई हैं। इस मामले की निष्पक्ष जांच और खुलासे की मांग करते हुए उन्होंने कहा, "यह सामने आना चाहिए कि देश की सनातनी आस्था से खिलवाड़ करने वालों के पीछे कौन लोग हैं और चढ़ावे में कथित चोरी का पाप करने वालों को कौन बचा रहा है।" सपा अध्यक्ष ने सवाल किया कि इस कथित अपराध के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं और यह मामला कितनी दूर तक फैला हुआ है। उन्होंने पूछा कि पूरे मामले का सूत्रधार कौन है और इस कथित घोटाले में किन-किन लोगों की भूमिका है। उनके मुताबिक यह स्पष्ट होना चाहिए कि मामले के उजागर होने के पीछे कथित रूप से धन के बंटवारे को लेकर विवाद कारण है या प्रभावशाली लोगों के बीच प्रतिस्पर्धा।
डबल इंजन सरकार अब कहां है?
उन्होंने यह भी पूछा कि पैसे गिनने जैसे संवेदनशील कार्य में ट्रस्ट और सरकारी बैंक के बीच प्राइवेट कंपनियों को शामिल करने का फैसला किसने लिया और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। उन्होंने कहा, "सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक कर मामले की सच्चाई बताने में क्या परेशानी है?" पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा, "डबल इंजन सरकार अब कहां है? क्या डबल इंजन केवल डबल ईंधन की खपत के लिए है या उसकी कोई जिम्मेदारी भी है?" गौरतलब है कि यादव ने रविवार को राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था, जिसके बाद से वह लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं।
