Ahmedabad News: अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस ने चांगोदर में ऐसी कार्रवाई की है, जिसने पटाखों के अवैध भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साणंद एसडीपीओ और चांगोदर पुलिस की संयुक्त टीम ने मोडासर-अमथापुरा रोड स्थित अंबिका ट्रेड लिंक के दो विशाल गोदामों पर छापा मारकर ₹39.57 करोड़ मूल्य के 65,954 कार्टन पटाखे जब्त किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इतने बड़े पैमाने पर विस्फोटक सामग्री ऐसे समय में रखी गई थी, जब न तो लाइसेंस वैध था और न ही फायर विभाग की अनिवार्य एनओसी उपलब्ध थी। पुलिस ने मामले में लाइसेंस धारक अमितकुमार हरेंद्रभाई मोदी और गोदाम के मैनेजर किशनभाई (रमणभाई) पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक अधिनियम और विस्फोटक नियमों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एक सूचना और खुल गया करोड़ों का जखीरा
20 जुलाई को चांगोदर पुलिस और साणंद एसडीपीओ कार्यालय की टीम नियमित पेट्रोलिंग पर थी। इसी दौरान पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली कि मोडासर गांव से अमथापुरा जाने वाले मार्ग पर स्थित अंबिका ट्रेड लिंक के दो गोदामों में बिना वैध अनुमति के बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस ने दो स्वतंत्र पंचों को साथ लिया और गोदामों पर पहुंची। वहां मौजूद मैनेजर किशनभाई पटेल ने बताया कि गोदाम का संचालन अमितकुमार मोदी के नाम पर किया जाता है और वह स्वयं पूरे स्टॉक की देखरेख करता है।
लाइसेंस दिखाया, लेकिन उसकी अवधि पहले ही खत्म हो चुकी थी
पुलिस ने जब पटाखों के भंडारण से जुड़े लाइसेंस मांगे तो दो एक्सप्लोसिव लाइसेंस प्रस्तुत किए गए। दोनों लाइसेंस अमितकुमार मोदी के नाम पर थे और उनमें भारी मात्रा में पटाखे रखने की अनुमति दर्ज थी। लेकिन जांच में बड़ा खुलासा हुआ। दोनों लाइसेंस की वैधता 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी थी। पुलिस के अनुसार, मौके पर न तो नवीनीकरण का कोई आदेश दिखाया गया और न ही ऐसा कोई दस्तावेज, जिससे यह साबित हो सके कि लाइसेंस कानूनी रूप से प्रभावी था। यही नहीं, फायर विभाग की अनिवार्य NOC भी उपलब्ध नहीं थी।
दो गोदाम, 15 तरह के पटाखे और 65,954 कार्टन
तलाशी के दौरान पुलिस ने दोनों गोदामों से 15 अलग-अलग श्रेणियों के पटाखे बरामद किए। इनमें एटम बम, लक्ष्मी बम, रॉकेट, आकाशबाजी, ग्राउंड चक्कर, शॉट्स, पेंसिल, रोटर, टिकड़ी सेल और अन्य आतिशबाजी सामग्री शामिल थी। जब पूरी गिनती की गई तो कुल 65,954 कार्टन मिले, जिनकी कीमत ₹39,57,90,000 आंकी गई। अकेले आकाशबाजी श्रेणी के पटाखों की कीमत ₹20.44 करोड़ से अधिक पाई गई।
इतने विस्फोटकों के बीच सुरक्षा इंतजाम कहां थे?
एफआईआर के मुताबिक, सबसे गंभीर बात सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सामने आई। इतने बड़े पैमाने पर विस्फोटक सामग्री रखने के बावजूद गोदामों में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण मौजूद नहीं थे। जांच के दौरान वॉटर स्प्रिंकलर सिस्टम नहीं मिला, जबकि गोदाम के बाहर बने टिन शेड में भी पटाखों के कार्टन रखे गए थे। बारिश से बचाने के लिए मोटे कपड़े लगाए गए थे, जिन्हें पुलिस ने आग लगने की स्थिति में अतिरिक्त जोखिम वाला माना है। जांच अधिकारियों का मानना है कि यदि यहां आग लगती, तो आसपास मौजूद लोगों और संपत्ति को भारी नुकसान हो सकता था।
करोड़ों का माल जब्त, लेकिन गोदाम से हटाया नहीं गया
पुलिस ने प्रत्येक प्रकार के पटाखे का नमूना पंचों की मौजूदगी में जब्त कर सील किया। हालांकि, पूरे स्टॉक को तत्काल पुलिस स्टेशन ले जाना संभव नहीं था, क्योंकि यह बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री थी। इसलिए ₹39.57 करोड़ मूल्य का पूरा स्टॉक फिलहाल उसी गोदाम में पुलिस की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है। इस संबंध में साणंद के मामलतदार को भी रिपोर्ट भेजी गई है।
2016 से चल रहा था कारोबार
जांच में सामने आया है कि अंबिका ट्रेड लिंक का यह पटाखा गोदाम वर्ष 2016 से संचालित हो रहा था। पहले लाइसेंस और फायर एनओसी के आधार पर कारोबार किया जाता था, लेकिन इस बार दोनों की अवधि समाप्त होने के बाद भी बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण जारी रखा गया। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लाइसेंस में स्वीकृत भंडारण क्षमता का पालन किया गया था या नहीं, गोदाम का निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप था या नहीं, और क्या सुरक्षा मानकों का अन्य स्तरों पर भी उल्लंघन हुआ।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने अमितकुमार मोदी और किशनभाई पटेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 और 288, विस्फोटक अधिनियम, 1884 की धारा 9B(1)(b) और 12, तथा विस्फोटक नियम, 2008 के तहत एफआईआर दर्ज की है। जांच एजेंसियां अब PESO (Petroleum and Explosives Safety Organisation) से लाइसेंस, स्वीकृत क्षमता और अन्य तकनीकी अनुमतियों का रिकॉर्ड भी मंगवा रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति, कंपनी या संस्था की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
