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अहमदाबाद में दिवाली से पहले फूड विभाग का महा-एक्शन, 45 हजार किलो मावा की बिक्री पर क्यों लगी रोक?

कोल्ड स्टोरेज में छापेमारी के दौरान करीब 1.02 लाख किलो मावा मिला। अलग-अलग कारोबारियों का मावा जांच के दायरे में है। राधिका फूड प्रोडक्ट्स के करीब 40 हजार किलो स्वीट प्रोडक्ट्स की बिक्री भी रोकी गई।

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अहमदाबाद में 45 हजार किलो मावा की बिक्री पर रोक

दिवाली के त्योहार से पहले अहमदाबाद में खाद्य विभाग सक्रिय हो गया है। शहर में मिठाइयों के उत्पादन और बिक्री में इस्तेमाल होने वाले मावा की जांच के लिए विभाग ने कोल्ड स्टोरेज में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान करीब 1.02 लाख किलो मावा और बड़ी मात्रा में मिठाई बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले अन्य उत्पाद मिले। खाद्य विभाग ने करीब 45,424 किलो मावा की बिक्री पर रोक लगा दी है। इसकी कीमत लगभग 76.10 लाख रुपये बताई गई है। मावा के सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

45,424 किलो की बिक्री पर रोक

अहमदाबाद के नामित खाद्य अधिकारी डॉ. तेजस शाह ने बताया कि दिवाली के नजदीक आने के साथ शहर में बड़े पैमाने पर मिठाइयों का उत्पादन होता है। इनमें मावा का इस्तेमाल प्रमुखता से किया जाता है। इसी को देखते हुए विभाग ने कोल्ड स्टोरेज में जांच की, जहां अलग-अलग कारोबारियों का मावा रखा हुआ था।

डॉ. शाह के मुताबिक, स्टोरेज में करीब 50 कारोबारियों या कंपनियों से संबंधित लगभग 1.02 लाख किलो मावा उपलब्ध था। इनमें 10 से 15 प्रमुख कारोबारियों के पास 1,500 किलो से अधिक मावा होने की जानकारी सामने आई। विभाग ने मावा के सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू की है। जांच रिपोर्ट लगभग तीन से चार दिनों में आने की उम्मीद है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अमित पटेल ने Times Now को बताया कि दिवाली के मद्देनजर कोल्ड स्टोरेज में रखे गए मावा में से कुल 45,424 किलो की बिक्री पर रोक लगाई गई है। इसकी कीमत करीब 76 लाख 10 हजार रुपये बताई गई है। उन्होंने कहा कि लैब रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राजस्थान और मध्य प्रदेश से आ रहा था मावा

डॉ. अमित पटेल के मुताबिक, कोल्ड स्टोरेज में रखा मावा अलग-अलग स्थानों से मंगाया जा रहा था। इसमें राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित अन्य जगहों से आने वाला मावा शामिल है। कारोबारियों ने इसे तीन से चार दिन पहले स्टोरेज में रखा था।

फिलहाल विभाग ने मावा के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, लैब रिपोर्ट के आधार पर ही इसकी गुणवत्ता को लेकर अगला कदम उठाया जाएगा।

राधिका फूड प्रोडक्ट्स के 40 हजार किलो स्वीट प्रोडक्ट्स की बिक्री रोकी

जांच के दौरान विभाग को राधिका फूड प्रोडक्ट्स से जुड़े करीब 40 हजार किलो स्वीट प्रोडक्ट्स भी मिले। अधिकारी के अनुसार, ये उत्पाद ‘डिलीशियस स्वीट्स’ नाम से बेचे जा रहे थे।

डॉ. तेजस शाह ने बताया कि कुछ मिठाइयां पारंपरिक मावा के बजाय मिल्क पाउडर, पामोलिन ऑयल और चीनी के मिश्रण से तैयार की जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की बर्फी अपने आप में प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन यदि उससे तैयार मिठाई को मावा से बनी मिठाई के रूप में बेचा जाता है, तो यह गलत है।

अधिकारी के मुताबिक, संबंधित उत्पादों के बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और अन्य जरूरी विवरणों की जांच की गई। कुछ उत्पादों पर जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। इसके बाद करीब 40 हजार किलो उत्पादों के सैंपल लिए गए और फिलहाल उनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

सस्ती मिठाई खरीदते समय सावधानी बरतने की अपील

खाद्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि दिवाली के दौरान मिठाई खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और लेबल पर दी गई जानकारी की जांच करें। अधिकारियों ने कहा कि बर्फी से तैयार मिठाई को मावा से बनी मिठाई बताकर बेचना गलत है।

विभाग का कहना है कि त्योहार के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के कारण खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जा रही है। जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मावा और स्वीट प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष लैब रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

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