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कैंसर की दवाओं की कीमतों में बड़ी कटौती, 543 ब्रांडेड Medicine के घटे दाम, 26 हजार वाली दवा अब 5,491 में मिलेगी

कैंसर की दवाओं की कीमतों में बड़ी कटौती की गई है। NPPA ने 543 ब्रांडेड दवाओं की नई लिस्ट जारी की है जिसके मुताबिक 26 हजार की दवा अब 5,491 रुपये में मिलेगी।

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कैंसर के इलाज पर होने वाले भारी खर्च से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने कैंसर की 543 ब्रांडेड दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) की संशोधित सूची जारी की है। इन दवाओं की नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी।

सरकार के इस कदम से कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई महंगी दवाओं की कीमतों में बड़ी कमी आएगी और मरीजों के इलाज का आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलेगी।

हजारों रुपये तक सस्ती हुईं कैंसर की दवाएं

NPPA की ओर से जारी सूची में कई ऐसी दवाएं शामिल हैं, जिनकी कीमतों में उल्लेखनीय कटौती की गई है। उदाहरण के तौर पर, RPG Life Sciences की Anastrozole दवा के ब्रांड Anarzole की 10 टैबलेट की कीमत 695.76 रुपये से घटाकर 73 रुपये कर दी गई है। इसी तरह, Dr. Reddy’s Laboratories की Azacitidine इंजेक्शन की कीमत 6,337 रुपये से घटकर 1,495.04 रुपये हो गई है।

Abbott Healthcare की Bevacizumab दवा की 4 मिलीलीटर की शीशी का अधिकतम खुदरा मूल्य 21,767.70 रुपये से घटाकर 5,930.13 रुपये कर दिया गया है। वहीं, RPG Life Sciences की Fulvestrant दवा की कीमत 26,072.16 रुपये से घटकर 5,491 रुपये रह गई है।इसके अलावा, Denosumab इंजेक्शन की कीमत 22,031.25 रुपये से घटाकर 5,941 रुपये, Enzalutamide कैप्सूल की कीमत 6,578.20 रुपये से घटाकर 2,232 रुपये और Erlotinib टैबलेट की कीमत 4,637.45 रुपये से घटाकर 2,008 रुपये कर दी गई है।

इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि सूची में शामिल कुछ दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य में हजारों रुपये की कमी की गई है। हालांकि, वास्तविक बचत दवा के ब्रांड, पैक साइज और मरीज के उपचार में उसकी जरूरत पर निर्भर करेगी।

137 गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं पर मार्जिन नियंत्रण का असर

इससे पहले 17 अक्टूबर 2026 को NPPA ने जनहित में 137 गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं के व्यापार मार्जिन को तर्कसंगत बनाने (Trade Margin Rationalisation) का फैसला घोषित किया था। इसका उद्देश्य दवाओं पर अत्यधिक व्यापार मार्जिन को नियंत्रित करना, कैंसर के इलाज को अधिक किफायती बनाना और मरीजों के लिए दवाओं की उपलब्धता बेहतर करना है। इसके तहत दवा कंपनियों को अपनी संशोधित कीमतों की सूची NPPA को सौंपने के निर्देश दिए गए थे। अब प्राधिकरण ने कंपनियों की ओर से 27 अक्टूबर 2026 तक दी गई जानकारी के आधार पर 543 ब्रांड्स की संशोधित MRP सूची जारी की है।

20 से ज्यादा तरह के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी शामिल

इस पहल के तहत शामिल 137 गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं में कई महत्वपूर्ण दवाएं हैं। इनमें इम्यूनोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं, जिनका उपयोग 20 से अधिक प्रकार के कैंसर के इलाज में किया जाता है।इसके अलावा, Denosumab का इस्तेमाल स्तन और प्रोस्टेट कैंसर के मरीजों में कुछ स्थितियों में किया जाता है। Pegfilgrastim कैंसर के उपचार के दौरान न्यूट्रोपीनिया यानी एक प्रकार की श्वेत रक्त कोशिकाओं की कमी को रोकने में मदद करती है। वहीं, Bevacizumab का इस्तेमाल कोलन, ओवेरियन और सर्वाइकल कैंसर सहित कुछ कैंसर के उपचार में किया जाता है।इन दवाओं की कीमतों में कमी से उन मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें लंबे समय तक महंगे उपचार और दवाओं पर खर्च करना पड़ता है।

कीमतों की सूची लगातार होगी अपडेट

NPPA ने स्पष्ट किया है कि जारी सूची अंतिम और स्थायी सूची नहीं है। यह उन जानकारियों पर आधारित है, जो दवा कंपनियों ने 27 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध कराई हैं। गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं के निर्माताओं की ओर से संशोधित कीमतों की जानकारी मिलने के साथ सूची को लगातार अपडेट किया जाएगा।मरीज और उनके परिजन NPPA के आधिकारिक पोर्टल पर संबंधित दवा के ब्रांड और पैक साइज के अनुसार संशोधित MRP की जानकारी देख सकते हैं।

cancer medicine price reduce

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9 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें

कैंसर के इलाज में दवाओं का खर्च परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक चुनौती बन जाता है। ऐसे में 543 ब्रांड्स की संशोधित कीमतें जारी करना मरीजों के लिए महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, मरीजों को दवा खरीदते समय ब्रांड, उसकी मात्रा और पैक साइज का मिलान जरूर करना चाहिए। साथ ही, डॉक्टर की सलाह के बिना किसी दवा को बदलना या उसका इस्तेमाल बंद करना उचित नहीं है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य कैंसर की दवाओं को अधिक किफायती बनाना और मरीजों को इलाज के दौरान आर्थिक राहत उपलब्ध कराना है।

bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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