Ahmedabad Factory Blast: अहमदाबाद के नरोडा GIDC फेज-3 स्थित MSN Intermediates Pvt. Ltd. में शुक्रवार दोपहर हाइड्रोजन टैंक में आग लगने के बाद जोरदार विस्फोट हुआ। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई और आग ने तेजी से फैलने का प्रयास किया, हालांकि फायर ब्रिगेड ने समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लिया। फायर कंट्रोल रूम को दोपहर 12:18 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की पहली टीम 12:20 बजे रवाना हुई और मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में मौजूद हाइड्रोजन टैंक में आग लगने के बाद ब्लास्ट हुआ था। आग के दौरान 3,3 DCB सॉल्वेंट भी प्रभावित हुआ। हादसे में कुल 3 लोग घायल हुए थे, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। जोन-4 के डीसीपी अतुल बंसल ने बताया कि फैक्ट्री में किसी रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण विस्फोट हुआ था। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड ने बड़े स्तर पर संसाधन तैनात किए। मौके पर 10 KL क्षमता का 1 वॉटर बाउजर, 20 KL क्षमता के 3 वॉटर बाउजर, 5 फर्स्ट रिस्पॉन्डर वाहन और 2 एम्बुलेंस समेत कुल 11 वाहन भेजे गए। रेस्क्यू और फायर फाइटिंग ऑपरेशन में कुल 41 अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 21 फायरमैन, 4 जमादार, 10 ड्राइवर, 3 स्टेशन ऑफिसर, 2 डिविजनल फायर ऑफिसर और 1 डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर शामिल थे।
फायर विभाग के अनुसार आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। घटना के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड, FSL, फैक्ट्री इंस्पेक्टर और GPCB की टीमों ने जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि ब्लास्ट किस कारण हुआ और सुरक्षा मानकों में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नरोडा GIDC में हुए इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था और जोखिम प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
