आगरा

एक साथ ही करना अंतिम संस्कार! फ्लाइट लेफ्टिनेंट पति ने दी जान तो कैप्टन पत्नी ने भी खुदकुशी, सुसाइड नोट पर लिख गईं ये बात

भारतीय सेना में बतौर कैप्टन तैनात पत्नी ने दिल्ली में और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पति ने आगरा में आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट पर कैप्टन रेणु तंवर ने आत्महत्या के कारणों का जिक्र नहीं किया।

Image

कैप्टन रेणु तंवर ने की आत्महत्या

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

आगरा: दिल्ली छावनी इलाके में सेना की एक कैप्टन का शव उनके ऑफिसर्स मेस के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। इसके कुछ ही घंटों पहले आगरा वायुसेना स्टेशन में तैनात उनके फ्लाइट लेफ्टिनेंट पति ने भी आत्महत्या कर ली। आगरा में मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में तैनात कैप्टन रेणु तंवर मंगलवार को गरुड़ शरत ऑफिसर्स मेस में फांसी पर लटकी पाई गईं। कमरे से मिले नोट में उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, तंवर अपनी मां का इलाज कराने के लिए दिल्ली के एम्स में थीं, तभी उन्हें आगरा में अपने पति की आत्महत्या की खबर मिली। वह अपनी मां और भाई के साथ गरुड़ शरत अधिकारियों के अतिथिगृह में रह रही थी।

भारतीय वायु सेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर तैनात थे पति

अधिकारी ने बताया कि मंगलवार की सुबह उनके पति दीनदयाल दीप, जो भारतीय वायु सेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर तैनात थे, आगरा में अधिकारी आवास में फंदे से लटके हुए पाए गए। स्थानीय पुलिस के सामने उनके सहकर्मियों ने उनके घर का दरवाजा तोड़ा और शव बरामद किया। अधिकारी ने बताया कि जब रेणु तंवर ने फांसी लगाई, उस समय उनकी मां और भाई अस्पताल गए हुए थे। एक सूत्र के अनुसार, उसने सुसाइड नोट में अपने पति के साथ ही अंतिम संस्कार किए जाने की इच्छा जताई थी।

बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका शव उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। अधिकारी ने बताया कि तंवर राजस्थान की रहने वाली थीं और दीप बिहार के रहने वाले थे। दोनों रिश्ते में थे और 2022 में उनकी शादी हुई थी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article