Agle 10 Din Ka Mausam: बारिश-आंधी और गरज-चमक ने बीते दिनों जिस तरह से तांडव मचाया था, अब शायद उसके कम होने की आशंका हो। मौसम प्रणालियों के मुताबिक, मध्य स्तर की उपोष्णकटिबंधीय पछुआ हवाओं में एक गर्त के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है, जिसका अक्ष समुद्र तल से लगभग 5.8 किमी ऊपर, लगभग 64° पूर्व देशांतर के अनुदिश और अक्षांश 34° उत्तर में स्थित है। वहीं, पूर्वोत्तर बिहार और आसपास के क्षेत्र में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) मौजूद है। इसके साथ ही, पूर्वोत्तर असम और आसपास के क्षेत्र में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है, जिसका गर्त समुद्र तल से लगभग 3.1 किमी ऊपर, लगभग 93° पूर्व देशांतर के अनुदिश और अक्षांश 25° उत्तर में स्थित है। ओडिशा के आंतरिक भाग से मन्नार की खाड़ी तक निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक उत्तर-दक्षिण गर्त/पवन असंतुलन मौजूद है। उत्तरी तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्र में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। 15 अप्रैल, 2026 से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नए कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के आने की संभावना है। ऐसे में आइए जानें अगले 10 दिन का मौसम (Agle 10 Din Ka Mausam) कैसा रहेगा?
क्या है IMD का पूर्वानुमान?
आने वाले एक सप्ताह के दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में किसी बड़े मौसम परिवर्तन की संभावना नहीं है। मौसम मुख्य रूप से सामान्य बना रहेगा, हालांकि तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं पूर्वी भारत में यह बढ़ोतरी 5 से 7 डिग्री और मध्य भारत में 3 से 5 डिग्री तक रहने की संभावना है। अगले दो दिनों के बाद इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक हो सकता है।
पूर्वोत्तर भारत का मौसम
असम और मेघालय में 11 से 14 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में भी इसी अवधि में बिजली चमकने की आशंका है, जबकि नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 अप्रैल को ऐसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश में 11 और 14 अप्रैल को कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है।
पूर्वी भारत की स्थिति
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 11 से 12 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं। ओडिशा में 10 अप्रैल को इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है, जबकि देश के अन्य हिस्सों में मौसम सामान्य रहेगा।
ऐसा रहेगा अधिकतम तापमान का हाल
11 से 16 अप्रैल के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान लगातार बढ़ेगा। मध्य भारत में 14 अप्रैल तक 3 से 5 डिग्री की वृद्धि हो सकती है, इसके बाद स्थिरता बनी रहेगी। पूर्वी भारत में 14 अप्रैल तक 5 से 7 डिग्री तक तापमान बढ़ेगा और फिर बदलाव कम रहेगा। गुजरात में 13 अप्रैल तक 2 से 4 डिग्री और महाराष्ट्र में 14 अप्रैल तक 2 से 3 डिग्री की वृद्धि संभव है, इसके बाद तापमान में खास बदलाव नहीं होगा।
हीटवेव और उमस भरा मौसम
छत्तीसगढ़ में 14 से 16 अप्रैल के बीच लू चलने की संभावना है, जबकि ओडिशा में 13 और 14 अप्रैल को हीटवेव की स्थिति बन सकती है। गंगा के मैदान वाले पश्चिम बंगाल में 13 से 15 अप्रैल के बीच गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा। इसके अलावा ओडिशा, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र, यनम में 11 से 16 अप्रैल तक उमस बनी रह सकती है। तटीय महाराष्ट्र, केरल और माहे में 11 अप्रैल को, जबकि गुजरात के तटीय क्षेत्रों में 12 से 16 अप्रैल के बीच गर्म और उमस भरा मौसम रहने के आसार हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तटीय कर्नाटक में 11 से 12 अप्रैल के दौरान इसी तरह की स्थिति देखने को मिल सकती है। ऐसे में मौसम के ऐसे हालात 20 अप्रैल तक जारी रह सकते हैं।
