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अयोध्या में इतने किलोमीटर तक नहीं बिकेगा नॉनवेज खाना, ऑनलाइन डिलीवरी भी नहीं आएगी घर

अयोध्या में शिकायतों के बाद ऑनलाइन मांसाहारी भोजन आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सभी होटलों, दुकानदारों और डिलीवरी कंपनियों को सूचित कर दिया गया है और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी की जाएगी।”

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अयोध्या मंदिर के 15 किलोमीटर की परिधि पर नहीं बिकेगा नॉनवेज फूड

अयोध्या : पंच कोसी परिक्रमा के अंतर्गत चिह्नित क्षेत्र में ऑनलाइन खाद्य सेवाओं द्वारा मांसाहारी भोजन की आपूर्ति के संबंध में बार-बार शिकायतें मिलने के बाद अयोध्या प्रशासन ने शुक्रवार को राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में मांसाहारी भोजन की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दिया। अयोध्या के कुछ होटल और होमस्टे द्वारा मेहमानों को मांसाहारी भोजन और मादक पेय परोसने की शिकायत सामने आने के बाद अधिकारियों ने ऐसे प्रतिष्ठानों को ऐसी गतिविधियों से बचने के लिए सख्त चेतावनी जारी की है।

यह कदम अयोध्या नगर निगम द्वारा पिछले वर्ष मई में अयोध्या और फैजाबाद को जोड़ने वाले 14 किलोमीटर लंबे राम पथ पर शराब और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय के बाद उठाया गया है। नौ महीने बीत जाने के बाद भी, शराब की बिक्री पर प्रतिबंध का व्यापक असर देखने को नहीं मिला।

दुकानें खुलेआम शराब बेच रही

स्थानीय लोगों के अनुसार, राम पथ पर अब भी दो दर्जन से अधिक दुकानें खुलेआम शराब बेच रही हैं। इस देरी पर प्रतिक्रिया देते हुए, एक नगर निगम अधिकारी ने कहा कि निगम ने फैजाबाद एवं राम पथ पर स्थित मांस की दुकानों को हटा दिया था, लेकिन शराब की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन से अनुमति आवश्यक है। सहायक खाद्य आयुक्त माणिक चंद्र सिंह ने बताया कि शिकायतें मिली थीं कि पहले प्रतिबंध के बावजूद पर्यटकों को ऑनलाइन ऑर्डर के माध्यम से मांसाहारी भोजन परोसा जा रहा था।

शिकायतों के बाद, ऑनलाइन मांसाहारी भोजन आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सभी होटलों, दुकानदारों और डिलीवरी कंपनियों को सूचित कर दिया गया है और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी की जाएगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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