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जनगणना में स्कूली अध्यापकों की ड्यूटी लगाने पर AAP ने साधा हरियाणा सरकार निशाना, अनुराग ढांडा ने कही ये बात

हरियाणा में शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी में लगाए जाने को लेकर सियासी विवाद गहराता जा रहा है। आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने इसे छात्रों की पढ़ाई और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है। उनका कहना है कि पहले से शिक्षकों की कमी झेल रहे स्कूलों पर इस फैसले का सीधा असर पड़ रहा है।

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा (फोटो)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Haryana News: हरियाणा में शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि स्कूलों में पहले से ही शिक्षकों और गैर-शिक्षण स्टाफ की भारी कमी है, ऐसे में उन्हें जनगणना कार्य में लगाना छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्कूलों में लगभग पूरे स्टाफ की ड्यूटी जनगणना में लगा दी गई है, जिससे न सिर्फ पढ़ाई बाधित हो रही है बल्कि छात्रों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उनके अनुसार, इस स्थिति के चलते कई जगहों पर छात्रों को अनावश्यक रूप से छुट्टी देने की नौबत आ रही है।

शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया

ढांडा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में हजारों पद खाली होने के बावजूद उपलब्ध शिक्षकों को भी गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में 15 हजार से अधिक शिक्षक पद रिक्त हैं, जिनमें पीजीटी, टीजीटी और प्राथमिक शिक्षक शामिल हैं। कई जिलों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं और सैकड़ों स्कूल ऐसे हैं जहां या तो कोई नियमित शिक्षक नहीं है या केवल एक ही शिक्षक कार्यरत है।

ढांडा ने दी सरकार को यह चेतावनी

ढांडा ने यह भी कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बावजूद कई स्कूलों में छात्रों को अब तक नई किताबें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जिसके कारण शिक्षक पुराने पाठ्यक्रम से पढ़ाने को मजबूर हैं। ढांडा के अनुसार, शिक्षकों को जनगणना जैसे कार्यों में लगाना प्रशासनिक रूप से भी उचित नहीं है और इससे उनके मनोबल पर असर पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए और शिक्षकों को उनके मूल कार्य यानी शिक्षण में ही लगाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो आम आदमी पार्टी शिक्षकों और अभिभावकों के साथ मिलकर राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।

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