Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर में बुधवार को शुरू होने वाले वार्षिक उत्सव चंदनोत्सवम के दौरान दर्शन के लिए टिकट खरीदने के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं पर 20 फुट लंबी दीवार गिर गई। इस दर्दनाक हादसे की सूचना मिलने पर एनडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे और पुलिस तथा अन्य विभागों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि मलबे से आठ शवों को निकाला गया और किंग जॉर्ज अस्पताल ले जाया गया। मृतकों में पांच पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं।
घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गृह मंत्री वंगालापुडी अनिता, विशाखापट्टनम जिला कलेक्टर एमएन हरेंधीरा प्रसाद और पुलिस आयुक्त शंका ब्रत बागची बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। ये घटना मंदिर के वार्षिक उत्सव चंदनोत्सवम की शुरुआत से कुछ घंटे पहले हुई। अधिकारियों के अनुसार, 300 रुपये का टिकट खरीदने के लिए कतार में खड़े श्रद्धालु दीवार गिरने से मारे गए या घायल हो गए। राज्य सरकार ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने की घोषणा की गई है। निजरूप दर्शनम के लिए दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद थी।
सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू ने शोक जताया
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर में हुई इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर और एसपी से वहां की स्थिति के बारे में बात की। उन्होंने अधिकारियों को घायलों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री समय-समय पर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छलके भाव
विशाखापट्टनम हुए इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया। उन्होंने अपने एक्स पर पोस्ट किया कि, आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में दीवार गिरने से हुई मौतों से बहुत दुखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदना। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
सरकार हरसंभव मदद करेगी
धर्मस्व मंत्री अनम राम नारायण रेड्डी ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि दीवार गिरने की जानकारी मिलने के तुरंत बाद उन्होंने अधिकारियों को बचाव अभियान शुरू करने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि बचाव अभियान के लिए एनडीआरएफ कर्मियों और एम्बुलेंस को सेवा में लगाया गया है। प्रदेश के गृह मंत्री घटनास्थल पर पहुंचीं। वो राहत और बचाव अभियान की निगरानी कर रही हैं। धर्मस्व मंत्री ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ितों के परिवारों को हरसंभव मदद मुहैया कराएगी।
हृदय विदारक घटना
पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने श्रद्धालुओं की दुखद मौत पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया। इसे हृदय विदारक घटना बताते हुए उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद है कि भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को इस तरह दुखद तरीके से अपनी जान गंवानी पड़ी। वाईएस जगन ने सरकार से दुर्घटना में घायल हुए लोगों के लिए सर्वोत्तम संभव चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने अधिकारियों से मृतकों के परिवारों को हरसंभव सहायता देने की भी अपील की।
(इनपुट - आईएएनएस)
