एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट, 134वें डुरंड कप का भव्य समापन कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में हुआ। रंगारंग समापन समारोह और पुरस्कार वितरण के बीच नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी ने डेब्यू टीम डायमंड हार्बर एफसी को 6-1 से हराकर लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया।
करीब एक महीने चले इस फुटबॉल महाकुंभ का सफर कोलकाता, जमशेदपुर, शिलांग, कोकराझार और इम्फाल से होकर गुजरा। 24 टीमों के बीच खेले गए 43 रोमांचक मुकाबलों ने इस टूर्नामेंट की ऐतिहासिक परंपरा को एक बार फिर जीवंत किया।
फाइनल के बाद हुए पुरस्कार समारोह में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह, पूर्वी कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल रामचंद्र तिवारी सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और कॉर्पोरेट जगत की हस्तियां भी उपस्थित रहीं। विजेता टीम के मालिक और अभिनेता जॉन अब्राहम भी टीम का हौसला बढ़ाते दिखे।
नॉर्थईस्ट यूनाइटेड को विजेता ट्रॉफी और 1.21 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिला, जबकि उपविजेता डायमंड हार्बर एफसी को 60 लाख रुपये और रजत पदक प्रदान किए गए। गोल्डन बूट और गोल्डन बॉल अवॉर्ड टीम के स्टार स्ट्राइकर अला एद्दीन अजाराइ को मिले। गोलकीपर गुरमीत सिंह को गोल्डन ग्लव अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
जैसे ही कोलकाता की रात आतिशबाजी से जगमगा उठी, डुरंड कप ने एक बार फिर साबित किया कि यह सिर्फ टूर्नामेंट नहीं, बल्कि भारतीय फुटबॉल की धरोहर और गौरवशाली परंपरा है।
