New Labour Code: केंद्र सरकार ने पिछले महीने 29 मौजूदा, पुराने लेबर कानूनों की जगह चार लेबर कोड लागू करने का ऐलान किया। इसके बाद अब देश के तमाम राज्य इस नए लेबर कोड को लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। नए साल में कई राज्य इस लेबर कोड को लागू कर देंगे। इसके बाद नए लेबर कोड के तहत कर्मचारियों को सैलरी और दूसरे लाभ मिलने लगेंगे। नए लेबर कोड का मकसद कर्मचारियों के लिए नियमों को आसान बनाना, सोशल सिक्योरिटी का विस्तार करना और लाभ देना है। वैसे तो नए लेबर कोड लागू होने से सैलरी, अप्लाइटमेंट लेटर से लेकर कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। लेकिन एक बड़ा बदलाव यह भी होगा कि कर्मचारियों को गेच्युटी के लिए इंतजार नहीं करना होगा। नौकरी छोड़ने के साथ उनको गेच्युटी मिल जाएगी।
फुल एंड फाइनल सेटलमेंट नियम में बदलाव
अक्सर, कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के बाद अपने फाइनल पेमेंट पाने के लिए महीनों तक परेशानी का सामना करना पड़ता है। नए लेबर कोड इस समस्या को कम करने की कोशिश करते हैं। पेमेंट और रिकॉर्ड रखने के लिए सख्त नियमों के साथ, उम्मीद है कि सैलरी, ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट और दूसरे बकाया का निपटारा जल्दी और पारदर्शिता से होगा। डिजिटल रिकॉर्ड और तय प्रोसेस से कंपनियों के लिए फुल एंड फाइनल सेटलमेंट में बेवजह देरी करना मुश्किल होगा।
ग्रेच्युटी और रिटायरमेंट में होगा बड़ा फायदा
नए लेबर कानूनों में ग्रेच्युटी से जुड़े बदलावों को कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा और सबसे फायदेमंद माना जा रहा है। अब तक, ग्रेच्युटी पाने के लिए लगातार पांच साल की सर्विस जरूरी थी, जिससे कॉन्ट्रैक्ट और फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा बाहर रह जाता था। नए नियम फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को ग्रेच्युटी के दायरे में लाने का रास्ता खोलते हैं क्योंकि ऐसे कर्मचारियों को सिर्फ 1 साल की सर्विस के बाद भी ग्रेच्युटी देने का प्रावधान किया गया है। इससे उन कर्मचारियों को सीधा फायदा होगा जो बार-बार कॉन्ट्रैक्ट पर काम करते हैं या जिनकी नौकरी पक्की नहीं है।
गेच्युटी के लिए नहीं करना होगा इंतजार
नए कानून में कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने पर फुल एंड फाइनल सेटलमेंट तुरंत करने का प्रावधान किया गया है। इस नियम से माना जरा है कि नौकरी छोड़ने के बाद कर्मचारियों को ग्रेच्युटी के लिए इंतजार नहीं करना होगा। जल्द गेच्युटी मिलने की संभावना ज्यादा होगी।
