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जेवर एयरपोर्ट के पास जमीन खरीदने वालों की मची होड़! YEIDA के 973 प्लॉट के लिए आवेदन देख अथॉरिटी भी हैरान

गर आप भी यीडा की स्कीम में प्लाट लेना चाहते हैं तो आपके पास 6 मई तक का समय है। इस स्कीम में अबतक 973 प्लॉट्स के लिए 38000 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं.

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Jewar Airport YEIDA Plot Scheme

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम जैसे-जैसे रफ्तार पकड़ रहा है, उसके आस-पास की जमीन की कीमतें और डिमांड आसमान छूने लगी हैं। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की हालिया आवासीय भूखंड योजना ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। महज 973 प्लॉट की इस योजना के लिए 38,000 से भी ज्यादा लोगों ने आवेदन किया है। आवेदकों की यह भारी संख्या देखकर खुद अथॉरिटी के अधिकारी भी हैरान हैं। यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि लोग जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) के पास निवेश करने या अपना आशियाना बनाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। बता दें अगर आप भी यीडा की स्कीम में प्लाट लेना चाहते हैं तो आपके पास 6 मई तक का समय है।

एक प्लॉट और 39 दावेदार

इस योजना का गणित समझा जाए तो मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा हो गया है। उपलब्ध 973 प्लॉट के लिए आए 38 हजार से ज्यादा आवेदनों का मतलब है कि हर एक प्लॉट के लिए औसतन 39 लोग कतार में खड़े हैं। यानी आपकी किस्मत के चमकने की संभावना काफी कम है, लेकिन फिर भी लोग अपनी किस्मत आजमाने से पीछे नहीं हट रहे हैं। इस योजना में विभिन्न श्रेणियों के प्लॉट शामिल थे, लेकिन सबसे ज्यादा मारामारी छोटे और मध्यम आकार के आवासीय भूखंडों के लिए देखी जा रही है। यमुना सिटी की प्राइम लोकेशन और भविष्य की कनेक्टिविटी ने निवेशकों को दीवाना बना दिया है।

जेवर एयरपोर्ट का क्रेज

आखिर क्यों लोग जेवर एयरपोर्ट के पास जमीन खरीदने के लिए इतने उतावले हैं? इसकी सबसे बड़ी वजह है जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जो आने वाले समय में न केवल भारत बल्कि एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक होगा। इसके साथ ही यहां फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और डेटा सेंटर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, चौड़ी सड़कें और मेट्रो विस्तार की योजनाओं ने इस क्षेत्र को रियल एस्टेट का 'हॉटस्पॉट' बना दिया है। लोगों को उम्मीद है कि आने वाले 5 से 10 सालों में यहां की संपत्तियों के दाम कई गुना बढ़ जाएंगे, यही वजह है कि यीडा की हर स्कीम सुपरहिट हो रही है।

इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने के बाद अब यमुना अथॉरिटी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पारदर्शी तरीके से 'लकी ड्रॉ' आयोजित करने की है। अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि प्लॉट का आवंटन पूरी तरह से ड्रा के माध्यम से किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार के पक्षपात की गुंजाइश न रहे। आवेदनों की छंटनी और स्क्रूटनी की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर चल रही है। अथॉरिटी को इस योजना से न केवल भारी राजस्व (रेवेन्यू) प्राप्त हुआ है, बल्कि बाजार में उसकी साख भी और मजबूत हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मांग को देखते हुए आने वाले समय में और भी नई आवासीय योजनाएं लाई जा सकती हैं।

निवेशकों के लिए सुनहरा मौका

यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बस रही यह नई दुनिया उन लोगों के लिए बेहतरीन मौका है जो सुरक्षित और लाभदायक निवेश की तलाश में हैं। यीडा के प्लॉट न केवल कानूनी रूप से सुरक्षित होते हैं, बल्कि यहाँ बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) भी विश्वस्तरीय स्तर का तैयार किया जा रहा है। जिन 38 हजार लोगों ने आवेदन किया है, उन्हें अब बेसब्री से ड्रॉ की तारीख का इंतजार है। यह स्कीम उन लोगों के लिए भी एक सबक है जो अब तक जेवर के पास निवेश करने में हिचकिचा रहे थे, क्योंकि अब यहाँ कॉम्पिटिशन इतना बढ़ गया है कि भविष्य में यहाँ जमीन पाना और भी मुश्किल हो सकता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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