World Bank:विश्व बैंक ने 2024 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर का अनुमान 1.2 फीसदी बढ़ा दिया है। विश्व बैंक के अनुसार साल 2024 में 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। उसके अनुसार सर्विस और इंडस्ट्रियल सेक्टर में तेजी की उम्मीद है। इसके अलावा बैंक ने साल 2024-25 के लिए भी GDP ग्रोथ अनुमान 0.2 फीसदी बढ़ाकर 6.6 फीसदी कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण एशिया के अगले दो वर्षों तक दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र बने रहने की उम्मीद है। आने वाले समय भारत में घरेलू डिमांड, इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च में तेजी ग्रोथ में तेजी लाएगी।
भारत दुनिया में रहेगा सबसे आगे
विश्व बैंक ने यह भी कहा है कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ेगा। और उसकी 2025-26 में ग्रोथ रेट 6.5% फीसदी रह सकती है। विश्व बैंक का यह अनुमान, घरेलू मांग में बढ़ोतरी, पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च और प्राइवेट सेक्टर से बढ़ती कर्ज की मांग के आधार पर आया है। हालांकि,विश्व बैंक ने यह भी कहा है कि उच्च खाद्य महंगाई के के चलते प्राइवेट कंजम्पशन ग्रोथ कम रह सकती है।
दक्षिण एशिया को लेकर यह अनुमान
विश्व बैंक ने दक्षिण एशिया वृद्धि संबंधी रिपोर्ट में कहा कि कुल मिलाकर 2024 में दक्षिण एशिया में वृद्धि दर 6.0 फीसदी की दर से मजबूत होने की उम्मीद है। यह मुख्य तौर पर भारत में मजबूत वृद्धि और पाकिस्तान तथा श्रीलंका के काफी हद तक पटरी पर लौटने से संभव होगा। रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण एशिया के अगले दो वर्षों तक दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र बने रहने की उम्मीद है। 2025 में वृद्धि दर 6.1 फीसदी रहने का अनुमान है।
दक्षिण एशिया की वृद्धि संभावनाएं अल्पावधि में उज्ज्वल बनी हुई हैं, लेकिन नाजुक राजकोषीय स्थिति और बढ़ते जलवायु झटके चिंता का विषय हैं। वृद्धि को अधिक लचीला बनाने के लिए, देशों को निजी निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार वृद्धि को मजबूत बनाने वाली नीतियां अपनाने की जरूरत है।
