आईटी कंपनी विप्रो के नेट प्रॉफिट में पहली तिमाही में बड़ा इजाफा हुआ है। कंपनी ने पहली तिमाही में अपना शुद्ध लाभ 9.8% बढ़ाकर 3,336.5 करोड़ रुपये कर लिया है. कंपनी ने यह जानकारी शेयर बाजारों को दी है। पिछले साल इसी तिमाही में विप्रो का शुद्ध लाभ 3,036.6 करोड़ रुपये था। तिमाही के दौरान विप्रो की कुल आय भी थोड़ी बढ़कर 22,134.6 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी समय यह 21,963.8 करोड़ रुपये थी।
16 बड़ी डील का असर
न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक विप्रो के प्रबंध निदेशक और सीईओ श्रीनि पल्लिया ने बताया कि आर्थिक हालात थोड़े अनिश्चित रहने के बावजूद, ग्राहकों ने अपनी जरूरतों में किफायती और प्रभावी समाधान को प्राथमिकता दी। कंपनी ने इसी आधार पर ग्राहकों के साथ मिलकर काम किया और इस दौरान 16 बड़े सौदे हासिल किए।
उन्होंने आगे कहा कि पिछली तिमाही की मजबूत रफ्तार और अच्छी व्यापारिक संभावनाओं के कारण कंपनी दूसरी छमाही के लिए तैयार है। पल्लिया ने यह भी बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब केवल प्रयोगात्मक तकनीक नहीं रही बल्कि यह ग्राहकों की रणनीतियों का अहम हिस्सा बन गई है, जिससे विप्रो अपने ग्राहकों पर बड़ा असर डाल रहा है।
कैसा रहा शेयर का हाल
विप्रो को उम्मीद है कि सितंबर तिमाही में उनके आईटी सेवा विभाग से 256 करोड़ डॉलर से 261.2 करोड़ डॉलर के बीच राजस्व प्राप्त होगा। बीएसई पर कंपनी के शेयर में 0.93% की गिरावट आई और यह 260.25 रुपये पर बंद हुआ। कुल मिलाकर, विप्रो ने पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है और आने वाले समय में भी कंपनी की स्थिति मजबूत रहने की संभावना है।
डिविडेंड का ऐलान
विप्रो की चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर अपर्णा अय्यर ने स्टॉक एक्सचेंज की फाइलिंग में बताया कि कंपनी ने सालाना आधार पर अपने ऑपरेटिंग मार्जिन में 80 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा किया है। कंपनी का कैश फ्लो कंवर्जन मजबूत बना रहा और ऑपरेटिंग कैश फ्लो हमारी नेट इनकम का 123% रहा। बोर्ड ने प्रति शेयर ₹5 का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है। इस तरह, पिछले 6 महीनों में हमने शेयरधारकों को कुल मिलाकर 1.3 अरब डॉलर से ज्यादा की नकद राशि लौटाई है।
