देशभर में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता (Dearness Allowance-DA) हमेशा चर्चा का विषय रहता है। महंगाई बढ़ने के साथ DA में बढ़ोतरी कर्मचारियों की आय बढ़ाने और बढ़ती जीवन-यापन लागत का असर कम करने में अहम भूमिका निभाती है। केंद्र सरकार इस साल पहले ही अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए DA में 2% की बढ़ोतरी कर चुकी है। अब कई राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए DA बढ़ाने पर विचार कर रही हैं।
DA क्या होता है?
महंगाई भत्ता (DA) सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई के असर से राहत देने के लिए दिया जाता है। यह मूल वेतन (Basic Pay) का एक निश्चित प्रतिशत होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई के आंकड़ों के आधार पर संशोधित किया जाता है। केंद्र सरकार आमतौर पर साल में दो बार जनवरी और जुलाई से प्रभावी DA में संशोधन करती है।
किन राज्यों में DA बढ़ाने पर चल रहा है विचार?
पंजाब
पंजाब सरकार सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के पेंडिंग DA और Dearness Relief (DR) बकाये के भुगतान पर विचार कर रही है। राज्य सरकार ने इसके लिए एक उप-समिति भी गठित की है, जो जुलाई 2021 से मार्च 2024 तक के पेंडिंग DA/DR भुगतान और पुराने एरियर से जुड़े मामलों पर चर्चा कर रही है।
हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश में भी सरकारी कर्मचारियों के लिए DA बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राज्य सरकार इस विषय पर विचार कर रही है। अगर फैसला लिया जाता है तो हजारों कर्मचारियों और पेंशनर्स को इसका लाभ मिल सकता है।
पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल सरकार भी महंगाई भत्ते को लेकर चर्चा में है। राज्य में कर्मचारियों की लंबे समय से DA बढ़ाने की मांग रही है और सरकार इसे लेकर अलग-अलग विकल्पों पर विचार कर रही है। हालांकि अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।
केरल
केरल सरकार ओणम से पहले राज्य के सरकारी कर्मचारियों को राहत देने के लिए DA में 2% बढ़ोतरी पर विचार कर रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो संशोधित DA का लाभ अगस्त के वेतन के साथ दिया जा सकता है। हालांकि सरकार की ओर से अभी आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।
केंद्र सरकार ने कितना बढ़ाया था DA?
केंद्र सरकार ने इस वर्ष अप्रैल में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी की थी। यह संशोधन 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना गया, जिसके बाद DA 58% से बढ़कर 60% हो गया। इसके बाद कई राज्यों में भी DA संशोधन को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।
