यह सवाल लगभग हर PPF निवेशक के मन में जरूर आता है 15 साल पूरे होने के बाद अगर मैं अकाउंट में नया पैसा न डालूं, तो क्या मेरा बैलेंस फिर भी ब्याज कमाता रहेगा? कई लोग सोचते हैं कि मैच्योरिटी के बाद खाता बंद करना ही पड़ता है, या फिर ब्याज बंद हो जाता है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। PPF में एक ऐसा नियम है जो आपको बिना एक रुपया जमा किए भी ब्याज कमाने देता है वो भी बिल्कुल सुरक्षित और टैक्स-फ्री तरीके से। यही वजह है कि मैच्योरिटी के बाद भी PPF अकाउंट एक बेहतरीन ब्याज कमाने वाला विकल्प बना रहता है, आइए बताते हैं कैसे?
PPF निवेशक के पास क्या हैं ऑप्शन?
जब PPF की अवधि पूरी होती है, तो ग्राहक चाहे तो सारा पैसा निकालकर खाता बंद कर सकता है, चाहे तो अकाउंट को आगे बढ़ा सकता है। अगर आप कोई फॉर्म नहीं भरते और न ही नया पैसा जमा करते हैं, तो आपका PPF अपने-आप “पैसिव एक्सटेंशन” में चला जाता है। इसका फायदा यह है कि आपका पुराना बैलेंस सुरक्षित रहता है और उस पर हर साल ब्याज मिलता रहता है, ठीक वैसे ही जैसे पहले मिलता था। फर्क सिर्फ इतना होता है कि इस एक्सटेंशन में आप नए डिपॉजिट नहीं कर सकते और न ही आपको टैक्स बेनिफिट मिलता है। लेकिन ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री ही रहता है।
अगर आप चाहें तो Form H भरकर अपने PPF अकाउंट को 5 साल के लिए “ऐक्टिव एक्सटेंशन” में भी ले जा सकते हैं। इसमें आप दुबारा डिपॉजिट कर सकते हैं और सेक्शन 80C का टैक्स बेनिफिट भी पाते रहते हैं। हालांकि इस दौरान निकासी पर थोड़ी लिमिट होती है। लेकिन अगर आप नया पैसा नहीं डालना चाहते और सिर्फ जमा हुए बैलेंस पर ब्याज कमाना चाहते हैं, तो बिना जमा वाला एक्सटेंशन सबसे आसान और सुविधाजनक विकल्प है।
मिलता रहता है ब्याज
एक खास बात यह भी है कि PPF अकाउंट-होल्डर की मृत्यु होने पर भी खाते में जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है, जब तक कि नॉमिनी या कानूनी वारिस पैसा क्लेम न कर ले। यानी अकाउंट पूरी तरह सुरक्षित रहता है और पैसा बढ़ता रहता है।
