ईरान संकट के लंबा खिंचने और जल्द समाधान की उम्मीद कमजोर पड़ने के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील की है। उन्होंने खुद भी अपने काफिले में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की संख्या कम कर उदाहरण पेश किया है। इसके बाद देशभर में तेल की खपत घटाने को लेकर पहल तेज हो गई है। इसी कड़ी में CM Yogi Adityanath भी लगातार बैठकों के जरिए ईंधन बचत के उपायों पर जोर दे रहे हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें मंत्रियों, सरकारी कर्मचारियों और निजी कंपनियों के लिए कई सुझाव दिए गए। बैठक में कंपनियों से अपील की गई कि वे सप्ताह में कम से कम 2 दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था अपनाएं, ताकि ईंधन की खपत कम की जा सके। आइए समझते हैं कि मुख्यमंत्री के इन सुझावों का आने वाले दिनों में क्या प्रभाव पड़ेगा।
'वर्क फ्रॉम होम' अपनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों से अपनी वाहन फ्लीट में 50% की कटौती करने और सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन (मेट्रो, बस या साइकिल) का उपयोग करने को कहा है। ऊर्जा संरक्षण के लिए उन्होंने 50 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों को सप्ताह में दो दिन 'वर्क फ्रॉम होम' व्यवस्था अनिवार्य करने पर बल दिया। साथ ही, सचिवालय में एसी का टेम्परेचर 24-26 डिग्री रखने के निर्देश दिए हैं।
'वोकल फॉर लोकल' का मंत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से उत्तर प्रदेश में बने उत्पादों को उपहार के रूप में इस्तेमाल करने और ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना को प्रोत्साहित करने की बात कही। साथ ही सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों, वर्षा जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती और PNG कनेक्शन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य संसाधनों की बचत के साथ पर्यावरण संतुलन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
डिजिटल बैठक करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अगले छह माह तक मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की विदेश यात्रा (अपरिहार्य स्थितियों को छोड़कर) न करने की सलाह दी। उन्होंने सरकारी कामकाज में डिजिटल माध्यमों के उपयोग को बढ़ावा देने का निर्देश देते हुए कहा कि विधानसभा कमेटियों और अंतरजनपदीय बैठकों को हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जाए, ताकि अनावश्यक यात्राओं और खर्चों पर लगाम लग सके। इसके साथ ही खाद्य तेल एवं सोने के अनावश्यक आयात को हतोत्साहित करने की बात कही।
