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RBI MPC Meeting: क्या आज सस्ती होगी आपकी लोन EMI? RBI की एमपीसी बैठक के नतीजे आज होंगे जारी

आरबीआई (RBI) की तीन दिवसीय मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की बैठक के नतीजों का आज ऐलान होने जा रहा है। महंगाई और ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच क्या आपकी होम या कार लोन EMI सस्ती होगी या रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होगा?

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क्या आज सस्ती होगी आपकी लोन EMI?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तीन दिवसीय मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को शुरू हुई थी, जिसके नतीजों का ऐलान आज यानी 5 अगस्त को किया जा रहा है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा सुबह 10:00 बजे RBI MPC Meeting फैसलों की घोषणा करेंगे, जबकि दोपहर 12:00 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मीडिया के सवालों का जवाब देंगे। देशभर के करोड़ों लोन ग्राहकों और निवेशकों की निगाहें इस फैसले पर टिकी हैं कि क्या इस बार केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करके राहत देगा या फिर रेपो रेट को मौजूदा स्तर पर ही स्थिर बनाए रखेगा। इस पूरे पॉलिसी स्टेटमेंट का सीधा प्रसारण आरबीआई के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर किया जा रहा है।

क्या कम होगी आपकी EMI?

बाजार विशेषज्ञों और ब्लूमबर्ग के हालिया सर्वे के अनुसार, ग्लोबल अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए इस बात की पूरी संभावना है कि सेंट्रल बैंक रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखेगा। हालांकि हाल के दिनों में कंज्यूमर महंगाई में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन यह अभी भी रिजर्व बैंक के तय लक्ष्य के दायरे में ही बनी हुई है। चालू वित्त वर्ष के लिए आरबीआई ने औसत महंगाई दर 5.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी महंगाई और आर्थिक विकास (Growth) के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए अपना 'न्यूट्रल' (Neutral) रुख जारी रखेगी।

RBI के लिए क्या है चैलेंज?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार के फैसले में केवल ब्याज दरों का ऐलान ही नहीं, बल्कि महंगाई और मार्केट लिक्विडिटी (Liquidity) पर आरबीआई का रुख सबसे ज्यादा मायने रखेगा। INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी का कहना है कि जब तक जियोपॉलिटिकल रिस्क और ग्लोबल इकोनॉमी में अनिश्चितता बनी हुई है, तब तक दरों में अचानक बदलाव की गुंजाइश कम है। अगर आरबीआई गवर्नर डेटा-आधारित दृष्टिकोण और मजबूत आर्थिक ग्रोथ का भरोसा देते हैं, तो इससे फाइनेंशियल मार्केट और कॉर्पोरेट बैलेंस शीट को काफी मजबूती मिलेगी। दरों में स्थिरता रहने से क्रेडिट ग्रोथ को भी बढ़ावा मिलता रहेगा।

वहीं, मार्केट एनालिस्ट्स का यह भी मानना है कि पॉलिसी में किसी बड़े फेरबदल के बजाय मौजूदा स्थितियों को बनाए रखना ही प्राथमिकता होगी। SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव के मुताबिक, आरबीआई आने वाले मैक्रो-इकोनॉमिक डेटा का आकलन करने के बाद ही आगे का कोई कदम उठाएगा। अगर भविष्य में महंगाई का दबाव बढ़ता है, तो वित्त वर्ष 2027 में दरों में बदलाव की उम्मीदें बन सकती हैं। फिलहाल के लिए, यदि रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रहता है, तो लोन ग्राहकों की EMI में तुरंत कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन दरें न बढ़ने से आम जनता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी नहीं पड़ेगा।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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