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क्या बदल जाएंगे KYC नियम? सरकार कर सकती है नो योर कस्टमर वेरिफिकेशन फॉर्मेट में सुधार

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Feb 22, 2024, 04:09 PM IST

Know Your Customer: पेटीएम विवाद के बीच भारत सरकार नो योर कस्टमर (KYC) वेरिफिकेशन प्रक्रिया में सुधार करने जा रही है ताकि आगे कोई फर्म गलत फायदा नहीं उठा सके।

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KYC प्रक्रिया में बदलाव संभव

Photo : iStock

Know Your Customer: भारत सरकार अपने ग्राहकों को जानें यानी नो योर कस्टमर (KYC) वेरिफिकेशन प्रक्रिया को एक मानक स्तर पर लाने के लिए एक यूनिफॉर्म अप्रोच लागू कर सकती है। ऑनलाइन आवेदनों के आधार पर अवैध लोन देने के मामलों को रोकने के लिए यह कदम उठाए जाने की संभावना है। केवाईसी प्रक्रिया के स्टेंडरडाइज से संबंधित घोषणा फाइनेंशियल स्टेबिलिटी एंड डवलपमेंट काउंसिल (FSDC) की बैठक के बाद की गई, जो देश के सभी फाइनेंशियल रेगुलेटर्स को एक साथ लाती है।

पेटीएम विवाद के बीच RBI उठाने जा रहा है ये कदम

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक बदलाव के संभावित कार्यान्वयन की समयसीमा अभी तक स्पष्ट नहीं है। हालांकि यह घटनाक्रम चल रही पेटीएम मामले के बीच आया है, जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 31 जनवरी को पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर 15 मार्च से अपने पेटीएम वॉलेट में नई जमा स्वीकार करने पर रोक लगा दी। अन्य बातों के अलावा आरबीआई ने पेटीएम के खिलाफ लेटेस्ट कार्रवाई के पीछे की वजह "लगातार गैर-अनुपालन और बैंक में निरंतर मटेरियल सुपरवाइजरी कंसर्न" का हवाला दिया। हालांकि लेटेस्ट बयान में पेटीएम पेमेंट्स बैंक का कोई सीधा संदर्भ नहीं दिया गया लेकिन FSDC ने बैठक में केवाईसी मामले पर चर्चा की।

कई ऐप्स ने गलत फायदा उठाया

वर्तमान में विभिन्न वित्तीय संस्थान खाताधारकों को वेरिफाई करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। पैनल ने कथित तौर पर कहा कि फाइनेंशियल सेक्टर में "केवाईसी रिकॉर्ड की इंटर यूजबिलिटी" को सक्षम करने के लिए प्रक्रिया को सभी प्लेटफार्मों पर स्टेंडरडाइज किया जाना चाहिए। FSDC के बुधवार के बयान में कहा गया है कि निकाय ने अवैध ऑनलाइन लोन देने वाले ऐप्स के हानिकारक प्रभावों को रोकने के कदमों पर भी चर्चा की। इनमें से कई ऐप्स COVID-19 महामारी के दौरान तेजी से उभरे। रिपोर्ट के मुताबिक ये ऐप्स ने ग्राहकों से अपने पेंडिंग बकाया की रिकवरी के लिए उच्च-ब्याज दरें वसूल कीं।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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