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ITR refund: क्या अटक गया है ITR रिफंड? जानें असली कारण, कब करें उम्मीद, कैसे करें स्टेटस चेक

ITR refund: आईटीआर फाइलिंग की आखिरी तारीख 16 सितंबर थी और टैक्स विभाग ज्यादातर रिफंड प्रोसेस कर चुका है, लेकिन कुछ मामले अभी भी लंबित हैं। अगर आपका ITR रिफंड नहीं आया है, तो जानें कि इसे मिलने में कितना समय लग सकता है, रिफंड में देरी के आम कारण क्या हैं और आपको आगे क्या कदम उठाने चाहिए।

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अब तक नहीं आया ITR रिफंड? वजह यहां जानें! (तस्वीर- istock)

Photo : iStock

ITR refund: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) जमा करने की आखिरी तारीख 16 सितंबर थी। ज्यादातर टैक्स अधिकारियों ने अब तक रिफंड प्रोसेस कर दिए हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह अभी भी पेंडिंग हो सकता है। अगर आप अभी भी अपने ITR रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, तो यहां जानें कि इसे कब तक मिल सकता है, देरी के आम कारण और रिफंड स्टेटस कैसे चेक करें।

ITR रिफंड मिलने में कितना समय लगता है?

ITR सबमिशन कन्फर्म होने के बाद, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आमतौर पर रिफंड प्रोसेस करना शुरू करता है। सामान्यत: रिफंड टैक्सपेयर के बैंक अकाउंट में 4-5 हफ्तों के भीतर क्रेडिट हो जाता है। अगर वेरिफिकेशन में कोई दिक्कत हो, बैंक डिटेल गलत हो, या डेटा में गलती हो, तो रिफंड प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है। गौर हो कि टैक्स डिपार्टमेंट तब ही रिफंड प्रोसेस करना शुरू करता है जब आप अपना रिटर्न ई-वेरिफाई करते हैं। अगर आपका बैंक अकाउंट पहले से प्री-वैलिडेटेड है, तो रिफंड जल्दी मिल सकता है। अगर 4-5 हफ्तों में रिफंड नहीं आता है, तो अपने ITR में किसी भी गड़बड़ी के लिए चेक करें और IT डिपार्टमेंट से नोटिफिकेशन के लिए अपना ईमेल देखें।

ITR रिफंड स्टेटस कैसे चेक करें?

  • इनकम टैक्स पोर्टल eportal.incometax.gov.in पर जाएं।
  • अपनी यूजर ID और पासवर्ड से लॉगिन करें।
  • ‘e-File’ टैब चुनें,
  • फिर 'Income Tax Returns' पर क्लिक करें
  • और 'View Filed Returns' चुनें।
  • आपके सभी मौजूदा और पिछले रिटर्न का स्टेटस स्क्रीन पर दिखेगा।
  • रिफंड डिटेल देखने के लिए 'View details' पर क्लिक करें।
  • ITR रिफंड में देरी के आम कारण
  • बैंक अकाउंट की जानकारी गलत होना
  • गलत अकाउंट नंबर या IFSC कोड देने पर रिफंड क्रेडिट नहीं होगा।
  • हमेशा बैंक डिटेल्स दोबारा चेक करें और पोर्टल पर प्री-वैलिडेट करें।

आधार-पैन लिंकिंग में समस्या

अगर आपका PAN और Aadhaar लिंक नहीं है या जानकारी मैच नहीं करती, तो रिफंड में देरी हो सकती है।

गलत क्लेम या जानकारी

डिडक्शन या टैक्स क्रेडिट के लिए किए गए गलत या अधूरे क्लेम से रिफंड में देर हो सकती है। टैक्स अथॉरिटी नोटिस भेज सकती है और रिटर्न की जांच कर सकती है।

बेमेल जानकारी

फॉर्म 26AS, AIS, या फॉर्म 16 में दी गई डिटेल्स में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से रिफंड प्रोसेस में देरी होती है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद ही रिफंड क्रेडिट किया जाएगा।

रिफंड प्रोसेसिंग का समय

टैक्स डिपार्टमेंट तब ही रिफंड प्रोसेस करता है जब टैक्सपेयर इलेक्ट्रॉनिक रूप से रिटर्न वेरिफाई करता है। अगर तय समय में रिफंड नहीं मिलता है, तो ITR में नोटिफिकेशन और ईमेल चेक करें और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी लें।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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